परमबीर सिंह के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है। सिंह और सचिन वझे के खिलाफ 4 दिसंबर को किला कोर्ट में 1895 पेज की चार्जशीट दायर की गई है। इस चार्जशीट में 62 गवाहों के बयान और परमबीर सिंह, सचिन वझे और शिकायतकर्ता विमल अग्रवाल और कुछ अन्य लोगों के बीच हुई बातचीत के 68 क्लिप्स हैं।  

मुंबई : पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Parambir Singh) के खिलाफ जबरन वसूली और भ्रष्टाचार की कई शिकायतें दर्ज की गई हैं, लेकिन यह पहली बार है जब क्राइम ब्रांच ने उनके खिलाफ की गई एक शिकायत को गंभीरता से लिया है। परमबीर सिंह के खिलाफ यह शिकायत एक व्यापारी ने दर्ज कराई है। चूंकि इस हाई प्रोफाइल मामले में सरकार की सीधी नजर है। इसलिए क्राइम ब्रांच के अधिकारी जल्द से जल्द इस मामले की जांच को अंतिम रुप देना चाहते हैं। क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच भी तेज कर दी है। इससे पहले 21 अगस्त को परमबीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था और चार महीने से कम समय में परमबीर सिंह और सचिन वझे के खिलाफ 4 दिसंबर को किला कोर्ट में 1895 पेज की चार्जशीट दायर की गई है। इस चार्जशीट में 62 गवाहों के बयान और परमबीर सिंह, सचिन वझे और शिकायतकर्ता विमल अग्रवाल और कुछ अन्य लोगों के बीच हुई बातचीत के 68 क्लिप्स हैं। 

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क्या है ऑडियो क्लीप में?
इन क्लिप्स में जिक्र है कि उगाही की इस रकम का 75 प्रतिशत हिस्सा परमबीर सिंह को और 25 प्रतिशत सचिन वाझे को मिला। अदालत में एक विटनेस नारायण मुंदडा ने भी अपने स्टेटमेंट में यही बात दोहराई है। चार्जशीट में कहा गया है कि परमबीर सिंह, सचिन और अन्य आरोपियों के जरिए क्रिकेट सटोरियों के साथ ही होटल और बार मालिकों से पैसे मांगते थे और पैसे न देने पर उन्हें गिरफ्तार करने तथा उनके प्रतिष्ठानों पर छापे मारने की धमकियां देते थे। 

पॉलिटिकल कनेक्शन के कारण जांच नहीं !
इससे पहले परमबीर सिंह के खिलाफ मुंबई (Mumbai), ठाणे (Thane) और कल्याण (Kalyan) में कई शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन पॉलिटिकल कनेक्शन के कारण, नियमित रुप से जांच नहीं की गई और अधिकांश शिकायतों को बंद कर दिया गया। कुछ मामलों में तो शिकायतकर्ता पर केस वापस लेने तक का दबाव बनाया गया। जब इसकी शिकायत की गई तो किसी भी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज ही नहीं किया गया। कहा जा रहा है कि अगर पुलिस प्रशासन ने पहले ही परमबीर सिंह के खिलाफ की गई शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो मौजूदा स्थिति से बचा जा सकता था।

सुप्रीम कोर्ट से राहत
इधर, परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा को सुप्रीम कोर्ट ने जारी रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि परमबीर सिंह को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। हालांकि, कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को निर्देश दिए किस वह परमबीर सिंह के खिलाफ दर्ज मामलों में अपनी जांच जारी रख सकती है, लेकिन संबंधित मामलों में कोर्ट में चालान दायर नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा कोर्ट ने CBI को परमबीर सिंह की याचिका पर अपना हलफनामा दाखिल करने का भी आदेश दिया। कोर्ट इस मामले में 11 जनवरी को अगली सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान CBI ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि महाराष्ट्र पुलिस द्वारा परमबीर सिंह के खिलाफ की जांच को अपने हाथों में लेने में कोई समस्या नहीं है।

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