मुंबई का ट्रैफिक एक बड़ी समस्या है। लगभग हर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसवाले खड़े रहते हैं, बावजूद जाम लगता रहता है। इस समस्या से निपटने अब घुड़सवार पुलिस को उतारा जा रहा है।

मुंबई. यहां के इतिहास में 88 साल बाद फिर से ट्रैफिक व्यवस्था की कमान संभालने घुड़सवार पुलिस को उतारा जा रहा है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस यूनिट को महानगर में बढ़ते वाहनों के मद्देनजर 1932 में सड़कों से हटा दिया गया था। लेकिन अब इसकी जरूरत महसूस हो रही है। यह यूनिट इसी महीने सड़क पर गश्त करते दिख जाएगी। इससे पहले 26 जनवरी को शिवाजी पार्क में गणतंत्र दिवस की परेड में यह यूनिट शामिल होगी। यह यूनिट बिगड़ैल ट्रैफिक को काबू में करने के अलावा भीड़ आदि को भी कंट्रोल करेगी। गृहमंत्री ने माना कि मुंबई पुलिस के पास आधुनिक गाड़ियां हैं, टू व्हीलर्स हैं, बावजूद भीड़भाड़ वाले इलाकों में नजर रखने दिक्कत होती थी। घुड़सवार पुलिस से इस समस्या का समाधान हो जाएगा।

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30 जवानों के बराबर होता है एक घोड़ा
गृहमंत्री देशमुख मानते हैं कि एक घोड़ा 30 पुलिस जवानों के बराबर होता है। उन्होंने बताया कि अगले छह महीने में इस यूनिट में एक उप-निरीक्षक, एक सहायक पीएसआई, चार हवलदार और 32 कांस्टेबल के अलावा 30 घोड़े शामिल किए जाएंगे। अभी 13 घोड़े खरीदे जा चुके हैं। इनके लिए मरोल में 2.5 एकड़ पर अस्तबल बनाया गया है।