जिस खोई या चोरी हुई चीज की उम्मीद छूट जाए और अगर वो सालों बाद मिले..तो यकीनन बहुत खुशी मिलती है। लेकिन इस शख्स के साथ अजीब हुआ। उसे 14 साल पहले चोरी हुए पर्स के मिलने की सूचना पुलिस से मिली, तो वो हंस पड़ा। वो अपना पर्स लेने थाने पहुंचा। पर्स में 900 रुपए थे। लेकिन पुलिस ने 500 का नोट अपने पास रख लिया। शख्स ने भी कुछ नहीं कहा। 

मुंबई. जिस खोई या चोरी हुई चीज की उम्मीद छूट जाए और अगर वो सालों बाद मिले..तो यकीनन बहुत खुशी मिलती है। लेकिन इस शख्स के साथ अजीब हुआ। उसे 14 साल पहले चोरी हुए पर्स के मिलने की सूचना पुलिस से मिली, तो वो हंस पड़ा। वो अपना पर्स लेने थाने पहुंचा। पर्स में 900 रुपए थे। लेकिन पुलिस ने 500 का नोट अपने पास रख लिया। शख्स ने भी कुछ नहीं कहा। पता है ऐसा क्यों हुआ..जानिए, इसकी वजह...

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नोटबंदी ने करा दिया नुकसान..
यह हैं हेमंत पडल्कर। जब ये 28 साल के थे, तब इनका पर्स चोरी हुआ था। बात 2006 की है। हेमंत सीएसएमटी से पनवेल की लोकल में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान उनका पर्स चोरी हो गया। पर्स में 900 रुपए थे। इसमें एक 500 का नोट भी था। इसकी शिकायत उन्होंने जीआरपी में की थी। कुछ समय तक तो वे पर्स मिलने की उम्मीद पाले रहे। लेकिन जब लंबे समय तक पुलिस की ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिला, तो हेमंत ने पर्स को भूल जाना ही बेहतर समझा। हेमंत ने बताया कि उनका पर्स वाशी के पास गायब हुआ था। अचानक इसी अप्रैल में वाशी थाने से उनके पास फोन आया कि उनका पर्स मिल गया है। यह सुनकर उन्हें बड़ी हैरानी हुई। लेकिन लॉकडाउन के चलते वे थाने नहीं गए। पिछले दिनों वे थाने पहुंचे और अपना पर्स लिया। लेकिन पुलिस अधिकारी ने उन्हें पर्स में मिला 500 का नोट देने से मना कर दिया। क्योंकि यह नोट नोटबंदी के बाद चलन से बाहर हो गया है। हेमंत भी मुस्करा कर बचे 400 रुपए लेकर घर आ गए।