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भारत में 24 घंटे के अंदर 1993 संक्रमित केस मिले, अब तक कुल 35043 केस

पिछले 24 घंटे में भारत में 1,993 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। अब कोरोना के कुल 35,043 मामले हो गए हैं। इसमें से 25,007 मामले सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत जो अतिरिक्त खाद्यान का आवंटन किया गया था उसके तहत 62 लाख टन गेंहू और चावल भारतीय खाद्य निगम से लिफ्ट किया गया है।
 

1993 Corona people were infected in 24 hours in India kpn
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New Delhi, First Published May 1, 2020, 4:20 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में भारत में 1,993 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। अब कोरोना के कुल 35,043 मामले हो गए हैं। इसमें से 25,007 मामले सक्रिय हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्या सलिला श्रीवास्तव ने बताया, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत जो अतिरिक्त खाद्यान का आवंटन किया गया था उसके तहत 62 लाख टन गेंहू और चावल भारतीय खाद्य निगम से लिफ्ट किया गया है।

24 घंटे में 564 संक्रमित ठीक हुए

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया, पिछले 24 घंटे में 564 मामले ठीक हो चुके हैं, जिससे ठीक होने वालों की कुल संख्या 8,888 हो चुकी है, हमारा रिकवरी रेट 25.37% हो चुका है। देश के जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है। जहां भी रेड जोन आए हैं वहां चेन को ब्रेक किया जाए। देश में 75 हजार वेंटिलेटर की जरूरत है। अभी 19 हजार 338 वेंटिलेटर उपलब्ध है। इसके अलावा 60 हजार 884 वेंटिलेटर का विभिन्न कंपनियों को ऑर्डर दिया गया है। 59 हजार 884 वेंटिलेटर घरेलू कंपनियां बना रही हैं। वेंटिलेटर चलाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

बीएसएफ भी कोरोना के खिलाफ लड़ रहा

गृह मंत्रालय ने कहा, सीआईएसएफ और बीएसफ के जवान भी कोरोना से लड़ाई में सहयोग कर रहे हैं। बीएसएफ ने अपने पट्रोलिंग बढ़ाई है। राज्य सरकारें रेलवे बोर्ड से संपर्क करके प्लान तैयार करें, जरूरतमंदों को खाने का भी इंतजाम करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

3 मई के बाद ऑरेंज जोन में मिल सकती है छूट

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 3 मई के बाद ऑरेंज जोन में छूट मिल सकती है। जबकि रेड जोन वाले 130 जिलों में 3 मई के बाद भी सख्ती जारी रहेगी।

ट्रेनों की आवाजाही में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी

गृह मंत्रालय की लॉकडाउन में फंसे लोगों को लाने ले जाने के लिए अनुमति दे दी है। लेकिन शर्त है कि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है। ट्रेनों को पहले सैनिटाइज किया जाएगा। हर पैसेंजर की स्क्रीनिंग होगी।

ट्रकों के लिए किसी पास की जरूरत नहीं

मंत्रालय ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया है कि वह बॉर्डर पर ट्रकों को बिल्कुल न रोकें। फिर वह खाली ट्रक ही क्यों न हो। ऐसे ट्रकों के लिए कोई स्पेशल पास की जरूरत नहीं होगी। 

 

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