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भारत के खिलाफ नापाक चाल, जासूसी करते पकडे़ गए PAK हाईकमिशन के 2 अफसर, 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश

दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी दूतावास के दो अफसरों को रविवार को जासूसी करते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों जासूस दूतावास में वीजा असिस्टेंट के तौर पर काम करते हैं। आईएसआई के लिए जासूसी करते पकड़े जाने पर उन्होंने खुद को भारतीय नागरिक साबित करने की कोशिश की। भारत सरकार ने दोनों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। 

2 visa assistants of Pakistan High Commission caught red-handed involved in espionage in New Delhi KPS
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New Delhi, First Published Jun 1, 2020, 7:45 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी दूतावास के दो अफसरों को रविवार को जासूसी करते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने इन दोनों अधिकारियों को तब गिरफ्तार किया जब वे एक व्यक्ति को पैसों का लालच देकर सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज ले रहे थे। दोनों जासूस दूतावास में वीजा असिस्टेंट के तौर पर काम करते हैं। आईएसआई के लिए जासूसी करते पकड़े जाने पर उन्होंने खुद को भारतीय नागरिक साबित करने की कोशिश की। उनके पास फर्जी आधार कार्ड, भारतीय मुद्रा और आईफोन मिले। न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी है।

वापस भेजा जाएगा पाकिस्तान 

भारत इनके खिलाफ डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल के तहत पर्सोना नॉन ग्राटा एक्शन लेगा। सामान्य तौर पर पर्सोना नॉन ग्राटा का अर्थ होता है कि ऐसा व्यक्ति जो किसी राजनयिक मिशन पर है और संबंधित देश (जिसमें वो तैनात है) में उसकी गतिविधियां गलत पाई गई हैं। उसे उन्हें उनके देश वापस भेजा जाए। जिसके बाद भारत अब इन दोनों को पाकिस्तान वापस भेजेगा।

घूमने के लिए करते थे जाली पहचान पत्र का उपयोग 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों अफसरों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया। इनके नाम आबिद हुसैन और ताहिर खान हैं। दोनों ही आईएसआई के लिए काम करते थे। दोनों घूमने के लिए जाली पहचान पत्रों का इस्तेमाल भी करते थे।

24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश 

अफसरों की गिरफ्तारी के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान हाईकमीशन के दो अफसरों को नई दिल्ली में जासूसी करते पकड़ा गया है। भारत की जांच एजेंसियों ने यह कार्रवाई की है। सरकार ने इन्हें पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित करते हुए 24 घंटे में देश छोड़ने को कहा है।'

'पाकिस्तान को एक डिमार्शे (कूटनीतिक मांग पत्र) भी सौंपा गया है। इसमें उसके अफसरों द्वारा भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ किए जा रहे कामों पर सख्त विरोध दर्ज कराया गया है। पाकिस्तान से कहा गया है कि वो यह तय करे कि उसके अफसर राजनयिक नियमों के तहत जिम्मेदारी का परिचय दें।’ 

गीता कॉलोनी के पते का मिला आधार कार्ड

पाकिस्तानी उच्चायोग में काम करने वाले आबिद के पास से दिल्ली के गीता कॉलोनी के नासिर गोतम नाम का आधार कार्ड मिला है। आबिद और ताहिर आर्मी पर्सन को टारगेट करते थे और खुद को इंडियन बताते थे। इसको लेकर ISI बाकायदा लिस्ट देती थी किन-किन लोगों को टारगेट करना है। पकड़े गए जावेद का काम दिल्ली में आबिद और ताहिर को अलग-अलग इलाकों में ले जाना था। इनके लिए डाक्युमेंट्स भी जावेद ही बनवाता था। जावेद उच्चायोग में ड्राइवर था, लेकिन ISI के लिए जासूसी का काम कर रहा था। 

मीटिंग के लिए गए थे करोल बाग

इन दोनों अफसरों पर महीनों से एजेंसी की नजर थी। रविवार को दोनों वीजा असिस्टेंट करोल बाग इलाके में मीटिंग के लिए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, यहां तीनों एक आर्मी के जवान को टारगेट करने के लिए गए थे, लेकिन उससे पहले इंटेलिजेंस टीम ने उन्हें पकड़ लिया। वहीं, सीनियर अफसरों के मुताबिक, MEA के जरिए दोनों को पाकिस्तान हाई कमीशन को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। पूछताछ हो चुकी है। काफी सबूत मिले हैं।

जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हुआ था पूर्व सांसद का पीए

अक्टूबर 2016 में सपा के पूर्व सांसद मुनव्वर सलीम के पीए मोहम्मद फरहत को गिरफ्तार किया गया था। उस पर पाकिस्तान उच्चायोग के इशारे पर जासूसी का आरोप था। इस मामले में कई और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था।  

उच्चायोग का एक अफसर महमूद अख्तर इन लोगों को जासूसी के बदले पैसा देता था। आरोपियों के पास से गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए थे। भारत ने सख्त कार्रवाई करते हुए अख्तर को उसके देश वापस भेज दिया था। इसी दौरान जोधपुर से आईएसआई का एक एजेंट शोएब भी पुलिस के हत्थे चढ़ा था। 

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