'एक राष्ट्र, एक एप्लिकेशन' विजन के तहत 33 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से 21 विधानसभाएं पूरी तरह डिजिटल हो चुकी हैं।

नई दिल्ली [भारत], 27 जुलाई (एएनआई): डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक राष्ट्र, एक एप्लिकेशन' के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। देश के 37 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से 33 विधानसभाओं ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) को लागू करने के लिए समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं।

NeVA प्रोजेक्ट को CSS पैटर्न के अनुसार फंड दिया जा रहा है। इसका कुल परिव्यय 673.94 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 423.60 करोड़ रुपये तक सीमित है। आंध्र प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों में NeVA प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए 23,58,20,600/- रुपये की राशि मंजूर की गई है।

21 विधानमंडल पूरी तरह से डिजिटल

इनमें से 21 विधानमंडलों को NeVA प्रोजेक्ट के तहत डिजिटल विधायिका में बदल दिया गया है। यह जानकारी संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी।

राज्यों को मिल रही तकनीकी मदद

आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, "आंध्र प्रदेश सहित सभी भाग लेने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं को क्षमता-निर्माण पहलों के रूप में केंद्रीय परियोजना प्रबंधन इकाई (CPMU) के माध्यम से आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।"

NeVA से कामकाज हुआ आसान, बची लागत

NeVA प्रोजेक्ट के मध्यावधि मूल्यांकन के अनुसार, NeVA ने विधायी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के माध्यम से विधायी कामकाज की दक्षता में सुधार किया है, कागज-आधारित प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम की है, विधायी कार्यों की तेजी से प्रोसेसिंग और प्रसार किया है, और विधायी जानकारी की पहुंच में सुधार किया है।

इससे दस्तावेजों की छपाई, रखरखाव और भंडारण में भी बचत हुई है। तदनुसार, NeVA प्रोजेक्ट को संबंधित राज्य विधानसभाओं की तैयारी के अधीन, उनके परामर्श से लागू किया गया है। (एएनआई)

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