पश्चिम बंगाल के 24 नार्थ परगना में ईडी की टीम पर 800 लोगों की भीड़ ने हमला बोला था। जांच एजेंसी ने कहा कि हत्या के इरादे से भीड़ ने हमला किया लेकिन किसी तरह से अधिकारियों की जान बची। 

ED Team Attacked. जांच एजेंसी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर हमला हत्या के इरादे से की गई थी। 800 लोगों की भीड़ जब किसी पर अटैक करेगी तो वह मारने के इरादे से ही होगा। यह भीड़ टीएमसी नेता की सपोर्टर रही और उनका मकसद सिर्फ हत्या करना ही था। जांज एजेंसी ने यह भी कहा है कि घटना में तीन अधिकारियों को चोटें लगी हैं। भीड़ ने अधिकारियों के सामान जैसे मोबाइल फोन, वॉलेट और लैपटॉप भी लूट लिए।

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तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी की साजिश बताया

घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने इस बीजेपी की साजिश करार दिया है। टीएमसी ने कहा कि सेंट्रल एजेंसी के साथ असामाजिक तत्वों ने स्थानीय लोगों को उकसाने का काम किया। बीजेपी राज्य की रूलिंग पार्टी के खिलाफ साजिश रच रही है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताने की कोशिश कर रही है। वहीं ईडी ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि टीम पर टीएमसी समर्थक 800-1000 की भीड़ ने हमला किया, जिनके पास लाठी, पत्थर और ईंट जैसे हथियार भी थे। घटना के बाद ईडी के अधिकारियों को स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

कब और कैसे हुआ ईडी टीम पर हमला

रिपोर्ट्स की मानें तो राशन घोटाले से जुड़े मामले में ईडी की टीम टीएमसी नेता की जांच करने के लिए 24 नार्थ परगना पहुंची थी। यहां टीम ने करीब एक दर्जन स्थानों पर छापेमारी की और तलाशी अभियान चलाया। इस कड़ी में टीम जब टीएमसी नेता और ब्लॉक पदाधिकारी शाहजहां शेख के घर पहुंची तो समर्थकों ने हल्ला बोल दिया और ईडी टीम की गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की गई। इस घटना के दौरान कई अधिकारियों को चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारियों के सिर तक फट गए हैं। अधिकारियों ने किसी तरह से वहां से भागने में ही भलाई समझी और अपनी जानें बचाईं।

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