अवैध तरीके से प्रतिबंधित हथियार रखने और बनाने के मामले में छह दशक पुराने आयुध अधिनियम में संशोधन के प्रावधान वाला एक विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया गया गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने आयुध अधिनियम, 1959 में संशोधन वाला विधेयक पेश किया

नयी दिल्ली: अवैध तरीके से प्रतिबंधित हथियार रखने और बनाने के मामले में छह दशक पुराने आयुध अधिनियम में संशोधन के प्रावधान वाला एक विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया गया। गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने आयुध अधिनियम, 1959 में संशोधन वाला विधेयक पेश किया। आयुध संशोधन विधेयक में प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति अधिकतम दो आग्नेयास्त्र (फायरआर्म्स) रख सकता है। फिलहाल तीन तक हथियार रखने का प्रावधान है।

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विधेयक के मसौदे के अनुसार दो से अधिक हथियार रखने वालों को तीसरा शस्त्र अधिकारियों या अधिकृत शस्त्र विक्रेता को संसद द्वारा संशोधन मंजूरी होने के बाद 90 दिन के भीतर जमा करना होगा।

विधेयक के अनुसार सरकार का आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 25 (1ए ए) में संशोधन का प्रस्ताव है। इसमें प्रतिबंधित हथियार बनाने, बेचने, मरम्मत करने और रखने के मामले में 14 साल तक की कैद से लेकर व्यक्ति के शेष जीवन तक उम्रकैद का प्रस्ताव है।

विधेयक पर अगले सप्ताह सदन में चर्चा हो सकती है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)