आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित जिन्ना टॉवर(Guntur Jinnah Tower)को लेकर चले आ रहे विवाद के बीच उसे तिरंगे के रंग में रंग दिया गया है। जल्द उस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। बता दें कि 26 जनवरी को तिरंगा फहराने के लिए कुछ लोग जिन्ना टावर में घुस गए थे। इसके बाद से यह मामला तूल पकड़ गया था।

गुंटूर, हैदराबाद. आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित जिन्ना टॉवर(आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित जिन्ना टॉवर(Guntur Jinnah Tower) को लेकर चले आ रहे विवाद के बीच उसे तिरंगे के रंग में रंग दिया गया है। जल्द उस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। बता दें कि 26 जनवरी को तिरंगा फहराने के लिए कुछ लोग जिन्ना टावर में घुस गए थे। इसके बाद से यह मामला तूल पकड़ गया था। टॉवर को तिरंगे के रंग में गुंटूर के पूर्व विधायक मोहम्मद मुस्तफा ने रंगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई संगठन आगे आए थे। इसके बाद टॉवर को तिरंगे के रंग में रंगने का फैसला लिया गया। इस टॉवर पर एक पोल लगाया गया है। इस पर 3 फरवरी को तिरंगा फहराया जाएगा।

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26 जनवरी को तिरंगा फहराने को लेकर हुआ था विवाद
26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने के लिए कुछ लोग जिन्ना टावर में घुस गए थे। हालांकि विवाद को रोकने पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया गया था। इस मामले में भाजपा की आंध्र प्रदेश इकाई ने पिछले साल दिसंबर में गुंटूर नगर निगम आयुक्त चल्ला अनुराधा को एक ज्ञापन भी सौंपा था। इसमें टॉवर का नाम पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नाम पर रखने की मांग उठाई गई थी।

उधर, मोहम्मद मुस्तफा ने इस मामले को तूल देने पर भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को सांप्रदायिक झड़पों को भड़काने के बजाय कोरोना महामारी के बीच लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। इस बीच मुस्तफा ने मंगलवार को जीएमसी मेयर कवती मनोहर नायडू के साथ जिन्ना टॉवर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुस्लिम नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। आजादी के बाद कुछ मुसलमान देश छोड़कर पाकिस्तान चले गए। लेकिन जिन लोगों ने भारत के साथ रहना पसंद किया, वे अपनी मातृभूमि से प्यार करते हैं।

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