जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खात्मे के लिए प्रभावी कदम उठाया है। आतंकवादी संगठनों पर शिकंजा कसने के साथ ही पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर अंकुश लगाने में सफलता मिली है।

Anti-Terrorist operation in Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन इस साल सबसे सफल रहा है। इस साल सुरक्षा बलों ने सीमापार से आए 56 आतंकवादियों को मार गिराया है। जबकि आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए 102 लोकल युवाओं में 86 को मार गिराया गया है। राज्य में महज 23 आतंकवादी बचे हुए हैं। एंटी-टेररिस्ट ऑपरेशन में बड़ी मात्रा में विस्फोटक आदि भी बरामद किया गया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

जम्मू-कश्मीर डीजीपी बोले-आतंकवाद का सबसे अधिक सफाया

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खात्मे के लिए प्रभावी कदम उठाया है। आतंकवादी संगठनों पर शिकंजा कसने के साथ ही पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर अंकुश लगाने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि राज्य में 23 आतंकी बचे हुए हैं। इस साल 56 विदेशी आतंकवादियों को मार गिराने में सफलता मिली है। जबकि 102 लोकल युवाओं ने आतंकवादी संगठन ज्वाइन किया। इन 102 लोकल आतंकवादियों में 86 आतंकियों को मार गिराया गया है। 

आतंकवाद की संख्या घटकर 23 हुई

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि इस साल सबसे अधिक आतंकवादियों का सफाया किया गया है। यह संख्या पिछले कई वर्षों में अधिक है। उग्रवादी रंगरूटों में 86 का सफाया कर दिया गया है। अब केवल 23 ही बचे हुए हैं। जल्द ही केंद्र शासित प्रदेश आतंकवाद मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद अपनी आखिरी सांसें ले रहा है। खालिस्तानी या कश्मीरी आतंकवाद, दोनों को पाकिस्तान ही प्रश्रय दे रहा है। दोनों राज्य मिलकर आतंकवाद के खात्मा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश में अशांति फैलाने के लिए सीमा पार से हथियारों और विस्फोटकों की खेप को भेजने का नया तरीका इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन से हथियार व विस्फोटक गिराए जा रहे हैं। इनसे निपटना भी सुरक्षा बलों व पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। पुलिस व सुरक्षा बल समन्वय स्थापित कर इन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और इस समस्या का भी हल निकाल रहे हैं।

यह भी पढ़ें:

कुकी-चिन नेशनल फ्रंट के 300 सशस्त्र बांग्लादेशी विद्रोही बार्डर पार कर पहुंचे मिजोरम, इन गांवों में बना बसेरा

भारत व चीनी सैनिकों के बीच LAC पर झड़प, सेना ने किया घुसपैठ को नाकाम, ड्रैगन को अधिक नुकसान

मानहानि केस में SC पहुंचे मनीष सिसोदिया को खरी-खरी, बहस को इतना निम्न स्तर पर ले जाएंगे तो परिणाम आप ही भोगे

काबुल के गेस्ट हाउस के पास बड़ा ब्लास्ट, चीनी कारोबारी यहां सबसे अधिक ठहरना पसंद करते