जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के कुपवाड़ा जिले के किगाम गांव में मोटर ठीक करने पांच लोग 100 फीट गहरे कुंआ में उतरे थे। जहरीली गैस के चलते सभी बेहोश हो गए थे। सेना के जवानों ने पांचों को निकाला। इलाज के दौरान चार की मौत हो गई। 

कुपवाड़ा। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भारतीय सेना (Indian Army) के जवान देश की सीमा की रक्षा और आंतकियों के खिलाफ जंग लड़ने के साथ ही आम लोगों की जान भी बचा रहे हैं। एक ऐसी ही घटना कुपवाड़ा जिले में हुई है। जिले के किगाम गांव में पांच लोग 100 फीट गहरे कुंआ में लगे मोटर की मरम्मत के लिए उतरे थे। जहरीली गैस के चलते सभी बेहोश हो गए। इसी दौरान 47वीं आरआर बटालियन की क्विक रिएक्शन टीम से मदद मांगी गई। सूचना मिलते ही जवान मौके के लिए रवाना हो गए। जवान समय रहते मौके पर पहुंचे।

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हवलदार इकबाल और गगनदीप ने पांचों को बाहर निकाला
मेजर कंवरदीप सिंह और मेजर तमन्ना कौशल के अंडर काम करने वाली 47 आरआर बटालियन की क्विक रिएक्शन टीम ने रस्सियों और सीढ़ी के साथ बचाव अभियान शुरू किया। हवलदार इकबाल और हवलदार गगनदीप गैस मास्क पहनकर कुआं में नीचे उतरे और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। बचाए गए लोगों को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया और इलाज के लिए 168 सैन्य अस्पताल दुर्गमुला ले जाया गया।

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चार लोगों की हुई मौत
दुर्भाग्य से चार लोगों ने दम तोड़ दिया और एक व्यक्ति गंभीर स्थिति में है। बचाव अभियान के बाद हवलदार इकबाल और हवलदार गगनदीप को निगरानी में रखा गया था। दोनों ने सांस लेने में कठिनाई की शिकायत की थी। भारतीय सेना द्वारा त्वरित और समय पर प्रतिक्रिया देने से कम से कम एक व्यक्ति की जान बच गई।

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