जंतर-मंतर पर पीएम मोदी के खिलाफ जहर उगलने वाली छात्रा का खौफनाक सच! 'माफी' के बाद भी क्यों मंडरा रहा है मौत का साया और कौन कर रहा है ब्लैकमेल? जानिए इस गहरी साजिश के पीछे का चेहरा।

नोयडा: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय छात्रा ने अब इस पूरे विवाद के पीछे की इनसाइड स्टोरी बयां की है। पीएम मोदी द्वारा सार्वजनिक रूप से उसे माफ करने और समाज से "भटके हुए बच्चों" को सही रास्ता दिखाने की अपील के बाद, भावुक किशोरी ने इसे अपनी "नई जिंदगी" बताया है। हालांकि, इस माफ़ीनामे के बाद भी उसकी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। छात्रा का दावा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ खास तत्वों द्वारा उसका ब्रेनवॉश किया गया था, और अब उसे खौफनाक धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

यूट्यूबर का जाल और 'बोलने की आज़ादी' का धोखा

छात्रा ने खुलासा किया कि वह 23 जुलाई को महज उत्सुकतावश अपने दोस्तों के साथ जंतर-मंतर पर चल रही एक भूख हड़ताल को देखने गई थी। वहाँ का माहौल सामान्य नहीं था और कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से भीड़ को भड़का रहे थे।

  • माइक्रोफ़ोन का खेल: वहां मौजूद कई ग्रुप और यूट्यूबर्स लोगों के हाथों में माइक थमाकर उन्हें उकसा रहे थे कि वे जो चाहें बोल सकते हैं।
  • कैमरे के पीछे की साजिश: जब छात्रा ने संदर्भ पूछा, तो उससे कहा गया कि देश में कुछ गलत हो रहा है और उसे बोलने की पूरी आज़ादी है। उसे भरोसा दिलाया गया कि यह वीडियो क्लिप कहीं पोस्ट नहीं की जाएगी।
  • माहौल का असर: छात्रा के मुताबिक, उसने वे शब्द अनजाने में नहीं कहे, बल्कि वह वहाँ के उन्मादी माहौल और लोगों की बातों से पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। उसने इसे अपनी जिंदगी की "पहली और आखिरी गलती" माना है।

ये भी पढ़ें… आतंकी जांच में बड़ा ट्विस्ट! सुवेंदु अधिकारी, जंतर-मंतर और गर्लफ्रेंड कनेक्शन पर STF को क्या मिला?

खौफ के साए में जिंदगी: नंबर लीक और रेप की धमकियां

पीएम मोदी के बड़प्पन और तुरंत माफ़ कर देने वाले वीडियो संदेश से छात्रा भावुक होकर रो पड़ी, लेकिन इस घटना के बाद असामाजिक तत्वों ने उसे निशाने पर ले लिया है। किशोरी का आरोप है कि किसी ने उसका पर्सनल मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर लीक कर दिया है। इसके बाद से उसे अनजान नंबरों से लगातार बेहद आपत्तिजनक और डरावनी धमकियां मिल रही हैं, जिसमें उसे गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने की बात कही जा रही है।

Scroll to load tweet…

कानूनी शिकंजा बरकरार: बंद नहीं हुई पुलिस की तफ्तीश

भले ही देश के प्रधानमंत्री ने छात्रा और उसकी हरकतों को एक नादान बच्चे की भूल मानकर बख्श दिया हो, लेकिन कानून का पहिया अभी भी घूम रहा है। छात्रा का कहना है कि पुलिस आज भी उसके घर जांच के लिए आई थी। इस मामले में सबसे पहले नोएडा में एक ज़ीरो FIR दर्ज की गई थी, जिसे बाद में घटना स्थल के अधिकार क्षेत्र के कारण दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' को नोटिस जारी कर इस विवादित वीडियो को हटाने और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। खौफजदा छात्रा ने अब गुहार लगाई है कि वह मानसिक रूप से यह सब झेलने की स्थिति में नहीं है और इस कानूनी कार्यवाही को रोका जाए।

PM मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा था कि जंतर-मंतर पर उन्हें और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे गए, लेकिन ऐसे "भटके हुए बच्चों" को सज़ा देने के बजाय सही रास्ता दिखाना चाहिए। उन्होंने समाज से अपील की कि बच्चों को अपनी गलती सुधारने का अवसर दिया जाए।

ये भी पढ़ें… 1 करोड़ युवा, 28 हजार केंद्र...आखिर PM मोदी ने क्यों छेड़ी 'नशा मुक्त' की सबसे बड़ी मुहिम?