2047 के रण में भारत की 'अमृत पीढ़ी' का सबसे बड़ा महासंकल्प! 1 करोड़ युवाओं और 5 महागुरुओं के चक्रव्यूह से कैसे खत्म होगा नशे का साम्राज्य? जानिए पीएम मोदी की इस गुप्त रणनीति के पीछे का सच।
नई दिल्ली: देश को विकसित बनाने की राह में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रव्यापी 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' की भव्य शुरुआत कर दी है। पीएम मोदी ने इस मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान सिर्फ किसी एक व्यक्ति या परिवार का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के अस्तित्व से जुड़ा है। उन्होंने देश के युवाओं को भारत की 'अमृत पीढ़ी' बताते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति और उस सफलता के शिखर पर हमारे देश का युवा ही खड़ा होगा।
'अमृत पीढ़ी' को पीएम का बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेगा। उन्होंने युवाओं को 'अमृत पीढ़ी' बताते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान का नेतृत्व करने और समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करने की अपील की।
एक मंच पर करोड़ों युवा, आध्यात्मिक गुरु और सरकार
देश को भीतर से खोखला करने वाली नशीली ताकतों के खिलाफ देश भर के युवा एकजुट हो चुके हैं। इस महाअभियान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीएम मोदी के संबोधन से ठीक पहले देश भर के युवाओं ने एक साथ 'नशा मुक्त भारत' की सामूहिक शपथ ली। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, MY Bharat वॉलंटियर्स और NSS के लाखों सदस्य ऑनलाइन जुड़े। पूज्या अम्मा, गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, पूज्य दाजी, डॉ. चिन्मय पांड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी सहित पांच प्रमुख आध्यात्मिक गुरु भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी लॉन्च कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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- 28,000 से अधिक ठिकाने: यह ऐतिहासिक कार्यक्रम देश के कोने-कोने में 28,000 से भी ज्यादा जगहों पर एक साथ आयोजित किया गया।
- करोड़ों युवाओं का डिजिटल सैलाब: हज़ारों स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लाखों छात्रों सहित 'माई भारत' के वॉलंटियर्स और NSS के सदस्य ऑनलाइन जुड़े, जिससे कुल भागीदारी 1 करोड़ के पार पहुंच गई।
- 125+ संगठनों का महाकवच: ब्रह्माकुमारीज़, इस्कॉन, चिन्मय मिशन और ऑरोविले जैसे 125 से ज़्यादा आध्यात्मिक, शैक्षणिक और औद्योगिक संघों ने इस अभियान को अपना समर्थन दिया है।
मनसुख मंडाविया बोले- स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की नींव
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2020 में नशामुक्त भारत का जो संकल्प रखा था, यह अभियान उसी विजन को आगे बढ़ाने वाला बड़ा कदम है। उनके मुताबिक, स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव रखते हैं। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रखना विकसित भारत की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण निवेश है।
क्या है अभियान का उद्देश्य?
सरकार का कहना है कि यह केवल एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन है। इसका लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना है। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले देशभर के युवाओं ने एक साथ 'नशा मुक्त भारत' की शपथ भी ली, जिससे इस अभियान को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप मिला।
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