अरुण जेटली ने 24 अगस्त को एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे 66 साल के थे। 9 अगस्त को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। 

नई दिल्ली. निधन से पहले पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लोकसभा क्षेत्र को आखिरी 'गिफ्ट' दिया। अरुण जेटली ने 24 अगस्त को एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे 66 साल के थे। 9 अगस्त को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। जेटली सॉफ्ट टिश्यू कैंसर से पीड़ित थे।

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दरअसल, जेटली ने कुछ वक्त पहले ही रायबरेली के जिला प्रशासन को वहां 200 सोलर पावर हाई मास्ट लाइट लगाने का प्रस्ताव भेजा था। जेटली ने यह पेशकश मेंबर ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम के तहत की थी। 

30 जुलाई को जेटली ने भेजा था प्रस्ताव
इस स्कीम के तहत सांसद जिला कलेक्टर को सलाना पांच करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट दे सकता है। जेटली मार्च 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे थे। इससे पहले वे तीन बार गुजरात से भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। भाजपा नेता हीरो बाजपेयी ने बताया, रायबरेली प्रशासन को उनका प्रस्ताव 17 अगस्त को भेज दिया था। जेटली ने एम्स में भर्ती होने से पहले 30 जुलाई को प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे।

दिवाली तक काम पूरा हो जाएगा
रायबरेली डीएम नेहा शर्मा ने भी इसकी पुष्टि की है। डीएम ने बताया कि जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। जहां ये सोलर लाइट लगाईं जानी हैं, वे जगह तय हो चुकी हैं। दिवाली तक काम पूरा हो जाएगा। 

रायबरेली में स्टेडियम बनवाना चाहते थे जेटली
जेटली ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि वे मेंबर ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड रायबरेली में खर्च करेंगे। उस वक्त इसे चुनावी स्टंट के तौर पर देखा गया था। जेटली ने यहां स्टेडियम की मांग की थी। साथ ही उन्होंने स्पाइस पार्क प्रोजेक्ट को जल्द पूरा कराने के लिए कहा था। स्पाइस पार्क प्रोजेक्ट यूपीए शासन में शुरू किया गया था।