आबकारी नीति घोटाले में जेल गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रिहा होकर घर लौट आए हैं, लेकिन उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. अब उनके समर्थकों पर नया केस दर्ज किया गया है.

नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जमानत पर रिहा हो गए हैं. आबकारी नीति घोटाले में पिछले 5 महीनों से जेल में बंद अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. हालाँकि, जेल से रिहा होकर घर आने के बाद भी केजरीवाल की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. केजरीवाल की रिहाई को आम आदमी पार्टी ने दिवाली की तरह मनाया. यही केजरीवाल की मुश्किलों का कारण बन गया है. केजरीवाल की रिहाई पर सीएम आवास के सामने सहित कई जगहों पर पटाखे फोड़ने वाले समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

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अरविंद केजरीवाल की रिहाई की खुशी में आप कार्यकर्ताओं, केजरीवाल समर्थकों ने जश्न मनाया. पटाखे फोड़कर खुशी मनाई. इसे सत्य की जीत बताया. इसी जश्न में पटाखे फोड़ना अब सिरदर्द बन गया है. यही अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है. पटाखे फोड़ना, बेचना दोनों ही प्रतिबंधित है. अब यही कानून आप कार्यकर्ताओं, समर्थकों के लिए मुसीबत बन गया है.

अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ताओं, समर्थकों द्वारा पटाखे फोड़कर जश्न मनाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इस घटना पर बीजेपी ने सवाल उठाया है. दिवाली के मौके पर हिंदुओं को परंपरा के अनुसार पटाखे फोड़ने की इजाजत नहीं है. लेकिन जेल से रिहा होने पर पटाखे फोड़ने की इजाजत है. यह कैसा न्याय? सजा कहाँ है? यह सवाल किया है. 

आप कार्यकर्ताओं, समर्थकों के खिलाफ आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. भारतीय दंड संहिता की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

इधर, आप नेताओं ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई है. साजिश, षड्यंत्र से आप नेता जेल गए हैं. लेकिन अंबेडकर का संविधान हमें सुरक्षा देता है. साजिश रचकर जेल भेजने वालों का मुखौटा जल्द ही उतर जाएगा. यह बात हाल ही में जेल से रिहा हुए मनीष सिसोदिया ने कही है.