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एक घर, एक वंश और कई रिश्ते: पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भतीजे को बनाया दामाद और खुद की बेटी को बहू!
पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने अपनी ही बेटी को बहू बना लिया! अरे रुकिये, ये चौंकाने वाली खबर बिल्कुल सही है। फर्क इतना है कि आसिम मुनीर ने अपनी सगी बेटी की शादी अपने सगे भतीजे के साथ की है। जिससे अब उनका भतीजा दामाद हो गया और बेटी बहू बन गई।

आसिम मुनीर की बेटी की शादी क्यों बन गई देश की पावर पॉलिटिक्स की बड़ी कहानी?
Asim Munir Daughter Wedding: पाकिस्तान के ताकतवर आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की बेटी की शादी अब सिर्फ एक पारिवारिक कार्यक्रम नहीं मानी जा रही। यह शादी ऐसे समय में हुई, जब पाकिस्तान आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सेना की भूमिका पर लगातार सवालों से जूझ रहा है। ऐसे में रावलपिंडी में हुई यह “प्राइवेट शादी” अचानक देश की पावर डायनामिक्स का प्रतीक बन गई। पाकिस्तान के सबसे ताकतवर व्यक्ति फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अपनी बेटी की शादी किससे करवाई? और क्या यह सिर्फ एक पारिवारिक रिश्ता है या इसके पीछे कोई बड़ा संदेश छिपा है?
अब्दुल रहमान कौन है, जिनका नाम अचानक चर्चा में क्यों है?
अब्दुल रहमान, पाकिस्तान आर्मी चीफ और हाल ही में नियुक्त Chief of Defence Force (CDF) फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के भतीजे हैं। वह मुनीर के भाई कासिम मुनीर के बेटे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्दुल रहमान पाकिस्तान सेना में कैप्टन के पद पर रह चुके हैं और अब रिटायर्ड हैं। सेना से जुड़ा पारिवारिक बैकग्राउंड और आर्मी चीफ से सीधा रिश्ता उन्हें स्वतः ही सुर्खियों में ले आया।
यह शादी कब और कहां हुई, और क्यों रही खास?
26 दिसंबर को रावलपिंडी में, पाकिस्तान आर्मी के जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) के पास स्थित आसिम मुनीर के आधिकारिक आवास पर यह शादी हुई। यह एक प्राइवेट फैमिली सेरेमनी बताई गई, लेकिन मेहमानों की सूची ने इसे निजी नहीं रहने दिया। इस शादी में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, उप प्रधानमंत्री, ISI चीफ समेत कई टॉप जनरल और UAE के राष्ट्रपति तक शामिल हुए।
क्या यह शादी परिवार को मजबूत करने की रणनीति है?
विश्लेषकों का मानना है कि यह शादी केवल रिश्तेदारी नहीं, बल्कि पावर ट्रस्ट को मजबूत करने का तरीका हो सकती है। सेना के शीर्ष नेतृत्व में खून के रिश्तों से भरोसा बढ़ता है—यह सोच पाकिस्तान के सत्ता ढांचे में नई नहीं है।
क्या यह सेना की असली ताकत का प्रदर्शन था?
जब किसी देश का पूरा सिविल नेतृत्व सेना प्रमुख के घर निजी समारोह में मौजूद हो, तो यह साफ संकेत देता है कि अंतिम फैसला किसके हाथ में है। कई विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान में सेना के राजनीतिक प्रभुत्व की खुली पुष्टि मान रहे हैं।
UAE राष्ट्रपति की मौजूदगी क्या इशारा देती है?
UAE राष्ट्रपति की मौजूदगी को सिर्फ शादी का निमंत्रण मानना शायद अधूरा विश्लेषण होगा। यह संकेत देता है कि पाकिस्तान की सैन्य सत्ता खाड़ी देशों से आर्थिक और कूटनीतिक समर्थन बनाए रखने की कोशिश में है, खासकर तब जब देश आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है।
शादी या सत्ता का संदेश?
अब्दुल रहमान अब सिर्फ आसिम मुनीर के भतीजे नहीं, बल्कि दामाद भी हैं। यह रिश्ता निजी जरूर है, लेकिन इसके निहितार्थ सार्वजनिक और राजनीतिक हैं। जिस समय पाकिस्तान सेना की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उसी समय यह शादी सत्ता, निष्ठा और नियंत्रण का प्रतीक बनकर उभरी है।
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