मनसुख हिरेन की मौत केस में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे पर आरोप लग रहे हैं। इस बीच सचिन ने एक वॉट्सऐप स्टेटस डाला, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने लिखा कि अब दुनिया को अलविदा कहने का वक्त आ गया है। बता दें कि शुक्रवार को उनका ट्रांसफर क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट से नागरिक सुविधा केंद्र में कर दिया गया है।

मुंबई. मनसुख हिरेन की मौत केस में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे पर आरोप लग रहे हैं। इस बीच सचिन ने एक वॉट्सऐप स्टेटस डाला, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने लिखा कि अब दुनिया को अलविदा कहने का वक्त आ गया है। बता दें कि शुक्रवार को उनका ट्रांसफर क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट से नागरिक सुविधा केंद्र में कर दिया गया है।

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वॉट्सऐप स्टेटस में बताई पूरी कहानी
व्हाट्सएप स्टेटस के मुताबिक, 3 मार्च 2004। CID के साथी अधिकारियों ने मुझे झूठे केस में गिरफ्तार किया। यह अब तक अनिर्णायक है। इतिहास को दोहराया जा रहा है। मेरे साथी अधिकारी मुझे गलत तरीके से फंसा रहे हैं। अबकी बार थोड़ा अंतर है। तब शायद मेरे पास 17 साल की आशा, धैर्य, जीवन और सेवा भी थी। अब मेरे पास न तो 17 साल का जीवन है और न ही सेवा और न ही जीने के लिए धैर्य। मुझे लगता है कि दुनिया को अलविदा कहने का समय नजदीक आ रहा है।

सचिन वझे की तस्वीर और साथ में उनके वॉट्सऐप स्टेटस का स्क्रीन शॉट

सचिन पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
परिवार ने दावा किया है कि एसयूवी का उपयोग सचिन वजे ने नवंबर 2020 और 5 फरवरी 2021 के बीच किया। हालांकि सचिन वजे ने इन दावों का खंडन किया है।

अग्रिम जमानत याचिका दायर की है
इस बीच सचिन वझे ने ठाणे सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। उसके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्हें मुंबई क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया है।

एटीएस ने शुक्रवार को मनसुख हिरेन के भाई विनोद और बेटे मीट के बयानों को दर्ज किया। मृतक ऑटो-पार्ट्स डीलर मनसुख हिरेन का शव 5 मार्च को ठाणे के एक नाले में पाया गया था। शव मिलने के एक हफ्ते पहले उनकी ही एक एसयूवी मुकेश अंबानी के घर के पास मिली थी। एसयूवी में विस्फोटक रखे हुए थे।