NEET UG पेपर लीक मामले के आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने अपनी जमानत याचिका वापस ले ली है। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि मोटेगांवकर ने केमिस्ट्री का पेपर लीक करने के लिए 5 लाख रुपये दिए थे और छात्रों को पेपर बांटा था।

नई दिल्ली [भारत], 23 जुलाई (ANI): NEET UG पेपर लीक मामले के आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने गुरुवार को अदालत से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली। इसके बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि मोटेगांवकर NEET UG परीक्षा 2026 से पहले केमिस्ट्री का पेपर लीक करने की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल है।

आरोपी ने वापस ली जमानत अर्जी

गुरुवार को विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता के समक्ष जमानत मामले पर बहस होनी थी। आवेदक मोटेगांवकर के वकील ने मौजूदा अर्जी को वापस लेने के लिए एक आवेदन दिया। वकील ने दलील दी कि आवेदक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर इस अर्जी पर जोर नहीं देना चाहते हैं और इसे बिना बहस के खारिज माना जाए। साथ ही, उन्होंने भविष्य में नई अर्जी दाखिल करने की छूट मांगी।

सुनवाई के बाद अदालत ने अर्जी स्वीकार कर ली। विशेष न्यायाधीश ने आदेश दिया, "आवेदक/आरोपी के वकील की दलीलों को ध्यान में रखते हुए, इस अर्जी को वापस लिया हुआ मानकर खारिज किया जाता है।"

CBI का दावा- 5 लाख में खरीदा था पेपर

इससे पहले जमानत याचिका का विरोध करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कहा था कि लातूर के कोचिंग मालिक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था। उसने NEET UG परीक्षा 2026 का केमिस्ट्री पेपर हासिल करने के लिए प्रह्लाद कुलकर्णी को 5 लाख रुपये दिए थे। मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में RCC क्लासेस नाम से एक कोचिंग संस्थान चलाता है। कुलकर्णी NTA द्वारा नियुक्त केमिस्ट्री पेपर सेटर था।

सीबीआई का आरोप है कि मोटेगांवकर ने लीक हुए परीक्षा पत्र की कॉपी छात्रों को दी थी। उसने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री का पेपर लीक किया। सीबीआई ने शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की जमानत अर्जी पर अपना जवाब दाखिल किया था, जो राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता के समक्ष लंबित थी। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि मोटेगांवकर अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचकर प्रश्नपत्र लीक करने और उसे बांटने में शामिल है।

सीबीआई ने बताया था कि इस आरोपी को परीक्षा की तय तारीख से पहले 23.04.2026 को NEET 2026 के केमिस्ट्री के सवाल और जवाब मिल गए थे। यह भी बताया गया कि लीक हुआ प्रश्नपत्र आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन में मिला है, जिसने कई लोगों को लीक हुए प्रश्नपत्र और जवाब भी दिए थे। अदालत के एक सवाल पर जांच अधिकारी ने कहा था कि एक वीडियो है जिसमें वह यह कहते हुए दिख रहा है कि उसने जो सवाल छात्रों को दिए थे, वे प्रश्नपत्र में हैं। (ANI)

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