बद्रीनाथ मंदिर दान चोरी मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड अधिकारी राजेंद्र चौहान के पेंशन और रिटायरमेंट लाभ रोक दिए गए हैं। वहीं, दूसरे आरोपी प्रमोद नौटियाल को सिर्फ गुजारा भत्ता मिलेगा। एसआईटी मामले की जांच कर रही है।
देहरादून (उत्तराखंड) [भारत], 28 जुलाई (एएनआई): श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर में कथित दान चोरी मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान के सभी पेंशन और रिटायरमेंट लाभों पर रोक लगा दी गई है। वहीं, गिरफ्तार कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को नियमों के अनुसार केवल मासिक निर्वाह भत्ता मिलेगा। इस बात की पुष्टि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने की है।
आरोपियों पर कार्रवाई, एक पुलिस रिमांड पर तो दूसरा न्यायिक हिरासत में
एक अन्य घटनाक्रम में, मंदिर दान चोरी मामले में 12 जुलाई की रात देहरादून से गिरफ्तार किए गए प्रमोद नौटियाल को ज्योतिर्मठ में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
इससे पहले 18 जुलाई को, बद्रीनाथ धाम में दान की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार चौहान को चमोली जिले की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, क्योंकि विशेष जांच दल (SIT) ने मामले की जांच तेज कर दी थी। चौहान को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) और प्रभारी न्यायिक मजिस्ट्रेट, जोशीमठ, हीना कौसर की अदालत में पेश किया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
SIT जांच में छापेमारी, विदेशी मुद्रा और कीमती सामान बरामद
मंदिर से दान की कथित चोरी की जांच के बाद उत्तराखंड पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बद्रीनाथ धाम क्षेत्र में चौहान के परिसरों पर भी छापेमारी की, जिसमें विदेशी मुद्रा, महंगा केसर और अन्य सामग्री बरामद हुई।
ये तलाशी पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा कथित तौर पर दी गई जानकारी के आधार पर की गई। एसआईटी जांच अधिकारी महादेव उनियाल ने कहा था कि कई वस्तुएं बरामद कर ली गई हैं, लेकिन आरोपी गायब नकदी के बारे में सहयोग नहीं कर रहा है। उनियाल ने कहा था, "केसर और कुछ अन्य सामग्री बरामद हुई है। विदेशी मुद्रा भी मिली है। जहां तक नकदी का सवाल है, आरोपी सहयोग नहीं कर रहा है।"
एसआईटी को जांच के तहत बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा तैयार की गई 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट भी मिली है।
CCTV फुटेज और रिकॉर्ड की हो रही जांच
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, जांचकर्ताओं ने 22 जून और 25 जून की सीसीटीवी फुटेज बरामद कर उसका विश्लेषण किया है, जबकि 29 जून और 2 जुलाई की फुटेज भी जांच के लिए हासिल कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि नई सीसीटीवी फुटेज से एसआईटी को कथित चोरी के मामले में और अधिक संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिली है।
एसआईटी ने बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ और उनके निजी सहायक अतुल डिमरी से भी निगरानी में कथित चूक के संबंध में पूछताछ की है। जांचकर्ताओं ने मंदिर के दान की हैंडलिंग और आवाजाही का पता लगाने के लिए ऑपरेशनल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की भी समीक्षा की है। (एएनआई)
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