Amarnath Yatra Bus Accident: जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस बेकाबू होकर पलट गई है। जानिए हादसा कैसे हुआ और ताजा अपडेट।

Ganderbal Bus Accident: अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस मंगलवार सुबह जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में बेकाबू होकर पलट गई। बस में कुल 39 यात्री सवार थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक करीब 30 लोग घायल हुए हैं। राहत की बात यह है कि सभी घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। यह हादसा उस समय हुआ, जब बस अमरनाथ यात्रा पूरी करके वापस लौट रही थी।

हादसा कैसे हुआ?

जानकारी के अनुसार, हादसा गांदरबल के गुंड इलाके में हुआ। पहाड़ी रास्ते पर चलते समय बस अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई। इसके बाद बस सड़क से फिसल गई और पलट गई। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान बस पास के एक मकान से भी टकरा गई। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन कब हुआ, यात्रियों की हालत कैसी है?

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, ITBP, CRPF, सेना और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। सभी एजेंसियों ने मिलकर तेजी से राहत और बचाव अभियान चलाया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें आई हैं और सभी का इलाज जारी है। किसी भी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

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उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने लिया अपडेट

हादसे की जानकारी मिलते ही जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारियों से बात की। उन्होंने गांदरबल के जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से घायलों की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि सभी श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज और हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मनोज सिन्हा ने बाबा बर्फानी से सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की।

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अमरनाथ यात्रा कब तक चलेगी?

इस साल अमरनाथ यात्रा 2 जुलाई से शुरू हुई है और 28 अगस्त तक चलेगी। यानी यात्रा कुल 57 दिनों की है। अब तक 4.15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं।

किन रास्तों से होती है अमरनाथ यात्रा?

अमरनाथ यात्रा दो प्रमुख मार्गों से कराई जाती है। पहलगाम (नुनवान) रूट, जो करीब 48 किलोमीटर लंबा है और बालटाल रूट, जो करीब 14 किलोमीटर का है, लेकिन इसकी चढ़ाई ज्यादा कठिन मानी जाती है। गांदरबल जिला इसी बालटाल रूट से जुड़ा हुआ है, जहां यह हादसा हुआ। बस हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।