NEET Protest Latest News: क्या सरकार ने CJP के आगे सरेंडर कर दिया है? 3 घंटे की सीक्रेट मीटिंग के बाद FIR वापसी और छात्रों की रिहाई पर सौरभ दास ने बड़ा दावा किया है।

NEET FIR Withdrawal News: नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में चले आंदोलन के बाद अब एक नया मोड़ सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार रात दावा किया है कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ करीब 2 से 3 घंटे तक चली बैठक में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास का कहना है कि सरकार की ओर से ऐसे ड्राफ्ट नोटिफिकेशन शेयर किए गए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने, गिरफ्तार लोगों को रिहा करने और भविष्य में किसी तरह की पुलिस कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन शामिल है। हालांकि, सरकार की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

आखिर 3 घंटे की बैठक में क्या हुआ?

सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटे बाद सरकार के प्रतिनिधियों ने CJP नेताओं से मुलाकात की। उनके मुताबिक, करीब तीन घंटे चली इस बैठक के दौरान बिहार और असम सरकारों के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन दिखाए गए, जिनमें प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई का जिक्र था। दास ने दावा किया कि केंद्र सरकार और अन्य NDA शासित राज्यों की ओर से भी इसी तरह के नोटिफिकेशन जारी किए जाने का भरोसा दिया गया है।

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CJP ने सरकार से क्या-क्या मांगा था?

  • प्रदर्शनकारियों और आयोजकों पर दर्ज सभी FIR वापस लेना।
  • आंदोलन से जुड़े लोगों पर भविष्य में कोई नई कार्रवाई न करना।
  • हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई।
  • NEET पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा।
  • परीक्षा सुधारों से जुड़े पांच सूत्रीय प्रस्ताव पर विचार।

चेतावनी के कुछ घंटे बाद आया नया दावा

सोमवार को ही CJP ने आरोप लगाया था कि 25 जुलाई को हुए समझौते के बावजूद कई जगह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। पार्टी ने कहा था कि अगर सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती है तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। इसी चेतावनी के कुछ घंटे बाद CJP ने सरकार के साथ हुई बैठक और ड्राफ्ट नोटिफिकेशन साझा किए जाने का दावा किया।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बदला घटनाक्रम

NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ आंदोलन पिछले कई हफ्तों तक देशभर में चला। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दा रही। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया था। अब पार्टी का कहना है कि सरकार को आंदोलन खत्म करने के समय किए गए सभी वादे भी पूरे करने होंगे।