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बंगाल की राजनीति में तूफान से पहले की शांति, अमित शाह से दूसरी बार मिले राज्यपाल धनखड़

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान हुई हिंसा को लेकर राज्यपाल और ममता बनर्जी में तलवारें खिंची हुई हैं। जगदीप धनखड़ इस समय दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। कहने को उन्हें 18 जून को बंगाल लौटना था, लेकिन अचानक कार्यक्रम में बदलाव आ गया। आज वे दुबारा अमित शाह से मिले।
 

Bengal Politics, Governor Jagdeep Dhankhar will meet Amit Shah again today kpa
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New Delhi, First Published Jun 19, 2021, 8:56 AM IST
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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा को लेकर ममता सरकार से खासे नाराज चल रहे राज्यपाल जगदीप धनखड़ इस समय दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। वे आज दुबारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले। कहने को उन्हें 18 जून को कोलकाता लौटना था, लेकिन ऐन वक्त पर कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया। धनखड़ पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर खुश नहीं हैं। इसी मुद्दे पर वे दिल्ली आए हैं। सूत्रों के अनुसार, गवर्नर के बंगाल लौटने पर वहां राजनीति में कुछ बड़ा होने की संभावना है। गुरुवार को धनखड़ की राष्ट्रपति से इस संबंध में करीब 2 घंटे चर्चा हुई। इससे पहले धनखड़ ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रियों प्रह्लाद जोशी प्रह्लाद पटेल से मुलाकात की थी।

राष्ट्रपति से हस्तक्षेप का अनुरोध
धनखड़ ने बंगाल हिंसा को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और गृहमंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। इससे पहले राज्यपाल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा से भी मिल चुके हैं।

TMC को घेरने में लगी भाजपा
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में TMC की जीत और भाजपा की हार के बाद से विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। चुनावी हिंसा के मुद्दे पर भाजपा TMC सरकार को घेरने में लगी है। इसी मामले को लेकर बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ दिल्ली पहुंचे थे। गुरुवार को उनकी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से करीब 2 घंटे बातचीत हुई थी

कैलाश विजयवर्गीय ने की राष्ट्रपति शासन की वकालत
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गी ने कहा-बंगाल में वर्तमान में जो कानून व्यवस्था कि स्थिति है मैं ये कह सकता हूं कि वहां राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। जो सरकार 213 सीटें लाकर डेढ़ महीने पहले जनमत जीती हो वहां राष्ट्रपति शासन लगाना प्रथमदृष्टया अभी उचित नहीं लगता लेकिन हालात ऐसे ही हैं। विजयर्गीय ने कहा-चुनाव परिणाम आने से आज तक 45  कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। BJP कार्यकर्ताओं को पीटा जा रहा है। वहां हिंसा की राजनीति बहुत है। सैकड़ों महिलाओं के साथ बलात्कार हो जाए और पुलिस रिपोर्ट नहीं लिखे, मैं समझता हूं कि ये तो राष्ट्रपति शासन लगने जैसी स्थिति है।

बंगाल के भाजपा विधायक राज्यपाल से मिले थे
इससे पहले बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा विधायकों को एक दल राज्यपाल से मिला था। राज्यपाल ने सोमवार को कहा था कि प्रतिशोधात्मक हिंसा पर काबू पाने के लिए उन्होंने प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी लेने मुख्य सचिव एचके द्विवेदी को बुलाया है। राज्यपाल ने यह तक कहा था कि राज्य की पुलिस राजनीतिक विरोधियों से बदला लेने सत्ताधारी व्यवस्था के तौर पर काम कर रही है।

नारद घोटाले को लेकर ममता की आलोचना
मंगलवार शाम जब राज्यपाल दिल्ली को रवाना हो रहे थे, तब उन्होंने नारद स्टिंग मामले में गिरफ्तार दो मंत्रियों और एक विधायक की गिरफ्तारी के बाद ममता बनर्जी द्वारा सीबीआई के दफ्तर पर हंगामा करने की आलोचना की थी।

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