उत्तर प्रदेश के कैसरगंज सीट से मौजूदा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का टिकट भाजपा ने काट दिया है। उनपर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा है। 

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कैसरगंज लोकसभा सीट के लिए भाजपा ने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। यहां से मौजूदा सांसद भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह का टिकट कट गया है। उनपर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा है। मामला कोर्ट में है। भाजपा ने बीच का रास्ता अपनाते हुए उनके छोटे बेटे को चुनावी मैदान में उतारा है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बीजेपी ने कैसरगंज सीट को लेकर बृजभूषण से फोन पर बातचीत की था। यहां से उनके छोटे बेटे करण भूषण सिंह को टिकट दिया गया है। करण सिंह वर्तमान में उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं। कैसरगंज में लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में 20 मई को मतदान होगा।

रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह को मिला टिकट

भाजपा ने रायबरेली सीट से दिनेश प्रताप सिंह को टिकट दिया है। वह पहले कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। भाजपा ने फिर से उनपर भरोसा जताया है। सोनिया गांधी राज्यसभा चली गईं हैं। इस बार रायबरेली से कांग्रेस किसे टिकट देती है इसपर सबकी नजर है। चर्चा है कि इस सीट से गांधी परिवार से किसी को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। राहुल गांधी या प्रियंका गांधी को टिकट दिया जा सकता है।

Scroll to load tweet…

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष थे बृजभूषण सिंह

बृजभूषण सिंह करीब एक दशक तक भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष थे। उनपर छह महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई टॉप भारतीय पहलवानों ने बृज भूषण के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया। पहलवानों के विरोध प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाए जाने पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया और जांच शुरू की।

यह भी पढ़ें- रायबरेली से भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह को दिया टिकट, कांग्रेस भी आज करेगी प्रत्याशी की घोषणा

बृजभूषण के खिलाफ जून 2023 में केस दर्ज किया गया था। उन्हें 20 जुलाई 2023 को कोर्ट से जमानत मिली थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में बृजभूषण कैसरगंज से दो लाख वोटों से चुनाव जीते थे। बृजभूषण इस बार भी टिकट की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि कैसरगंज सीट पर बीजेपी का कोई मुकाबला नहीं है। पिछली बार मैंने 2 लाख से ज्यादा वोटों से सीट जीती थी। इस बार 5 लाख वोटों से जीतना है। पिछले साल, पहलवानों के विरोध के चरम के दौरान बृजभूषण इस सीट से चुनाव लड़ने पर अड़े थे। उस समय बृजभूषण ने कहा था, “कैसरगंज से चुनाव जरूर लड़ूंगा।”

यह भी पढ़ें-भरी सभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी बोले-TMC को वोट देने से अच्छा है BJP को दे दो, देखें वीडियो