केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे की जमीन को पांच साल के बदले 35 साल के लिए लीज पर देने का फैसला किया गया। इसके साथ ही सरकार ने पीएम-श्री स्कूलों के लिए 27,360 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है। 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रेलवे की जमीन को 5 साल की जगह 35 साल तक के लिए लीज पर देने का फैसला किया है। बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। पीएम गति शक्ति प्रोग्राम के लिए रेलवे की जमीन पर लंबे समय के लिए लीज पर देने की मंजूरी दी गई। सरकार गति शक्ति प्रोग्राम के तहत देशभर में 300 कार्गो टर्मिनल स्थापित कर रही है। इससे 1.25 लाख लोगों को काम मिलेगा।

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नई नीति के अनुसार अब रेलवे की जमीन 35 साल तक के लिए लीज पर दी जा सकेगी। पहले यह अवधी 5 साल थी। कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 5 साल में 300 कार्गो टर्मिनल विकसित किए जाएंगे। इससे लगभग 1.25 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और रेलवे की आमदनी भी बढ़ेगी। 

पीएम-श्री स्कूलों के लिए 27,360 करोड़ मंजूर
कैबिनेट की बैठक में पूरे देश में 14,000 पीएम-श्री स्कूलों की स्थापना के लिए 27,360 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस योजना के तहत केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों सहित 14,000 से अधिक स्कूलों को पीएम-श्री स्कूल (पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) के रूप में उभरने के लिए मजबूत किया जाएगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की घोषणा की थी। 

कोच्चि मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण को मिली मंजूरी 
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोच्चि मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी दी है। इसकी लागत 1,957 करोड़ रुपए होगी। इसमें 11 स्टेशन बनाए जाएंगे। कोच्चि में अलुवा से पेट्टा तक मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण का निर्माण हुआ है। इसकी लंबाई 25.6 किलोमीटर है। 22 स्टेशनों वाले पहले चरण के निर्माण पर 5181.79 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।