क्या अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला सिर्फ़ विरोध था या जानलेवा साज़िश? वायरल वीडियो में ममता बनर्जी अस्पताल CEO पर क्यों भड़कीं? आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने अस्पताल के अंदर तनाव बढ़ा दिया? क्या BJP नेताओं ने अस्पताल पर दबाव डालकर अभिषेक को डिस्चार्ज कराने की कोशिश की? मेडिकल रिपोर्ट, अस्पताल और राजनीतिक दावों के बीच सच क्या है?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर ऐसा भूचाल आया है, जिसने सत्ता के गलियारों से लेकर अस्पताल के कमरों तक भारी तनाव पैदा कर दिया है। टीएमसी (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए जानलेवा हमले और उसके बाद अस्पताल के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाई-ड्रामा गुस्से की पूरी इनसाइड स्टोरी और वायरल वीडियो...। वीडियो सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में कई सवाल उठने लगे हैं। आखिर अस्पताल के भीतर ऐसा क्या हुआ कि ममता बनर्जी को सार्वजनिक रूप से अपनी नाराज़गी जाहिर करनी पड़ी?

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सोनारपुर में खूनी खेल: हेलमेट पहनकर जान बचाते भागे 'भाइपो'

कोलकाता के पास सोनारपुर का इलाका शनिवार को उस वक्त रणक्षेत्र में बदल गया, जब टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे। किसी को अंदाजा नहीं था कि वहां क्या होने वाला है। अचानक सैकड़ों लोगों की उग्र भीड़ ने अभिषेक बनर्जी को चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते भीड़ ने "चोर, चोर" के नारे लगाते हुए उन पर पत्थरों, अंडों और गालियों की बौछार कर दी। हमला इतना अचानक और हिंसक था कि अभिषेक बनर्जी के सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में अभिषेक को क्रिकेट का हेलमेट पहनाया गया। फटी हुई शर्ट और चेहरे पर खौफ लिए अभिषेक बनर्जी अपने सहयोगियों की मदद से किसी तरह इस जानलेवा हमले से बचकर निकले। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने हांफते हुए कहा, "यह सब बीजेपी की साजिश है, वे मुझे जान से मारना चाहते थे!"

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अस्पताल के गलियारे में हाई-ड्रामा: जब ममता बनर्जी का फूटा गुस्सा

सोनारपुर की खूनी अफरा-तफरी के बाद गंभीर रूप से घायल अभिषेक बनर्जी को पहले अपोलो और फिर कोलकाता के मशहूर बेले व्यू अस्पताल में शिफ्ट किया गया। शरीर में खून के थक्के जमने के कारण उन्हें सीधे इंटेंसिव थेरेपी यूनिट (ITU) में भर्ती कराया गया, जहाँ उनके 3D CT स्कैन और थोरेसिक टेस्ट किए जा रहे थे। लेकिन असली सस्पेंस तब शुरू हुआ, जब अस्पताल के भीतर से एक मोबाइल वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी अस्पताल के सीईओ (CEO) प्रदीप टंडन पर सबके सामने बुरी तरह भड़कती और उन्हें सीधे अंजाम भुगतने की धमकी देती नजर आईं।

ममता बनर्जी ने अस्पताल प्रशासन से क्या कहा?

अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसर गया जब ममता ने तीखे लहजे में कहा: "माफ़ कीजिए मिस्टर टंडन, आपने बहुत गलत काम किया है। कृपया याद रखिए कि हमने आपकी कितनी मदद की है। भगवान आपको माफ़ नहीं करेगा... आप अस्पताल चला रहे हैं और बीजेपी सत्ता में है। कल, अगर केंद्र सरकार नहीं रही, तो हम इसे देख लेंगे।"

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परदे के पीछे का खेल: आधी रात को फोन पर मिली धमकियां?

ममता बनर्जी के इस रौद्र रूप और खुलेआम दी गई इस चेतावनी के पीछे का रहस्य बेहद गहरा था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने खुद इस सस्पेंस से परदा उठाया। उन्होंने एक बेहद चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को बीजेपी नेताओं और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, साउथ) द्वारा लगातार धमकी भरे फोन आ रहे थे। ममता ने दावा किया कि केंद्र सरकार और पुलिस के दबाव में अस्पताल प्रशासन अभिषेक बनर्जी की हालत गंभीर होने के बावजूद उन्हें जबरन डिस्चार्ज करने की कोशिश कर रहा था। ममता ने सवाल उठाया, "अगर अभिषेक की हालत गंभीर नहीं थी, तो उन्हें ITU में क्यों रखा गया था? डॉक्टरों को डराकर सच छुपाया जा रहा है।"

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घर बना मिनी-अस्पताल: अब बंद कमरों में होगा इलाज

अस्पताल के भीतर बढ़े इस भारी राजनीतिक और मानसिक तनाव के बाद, ममता बनर्जी ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने बेले व्यू अस्पताल के डॉक्टरों पर भरोसा न जताते हुए अभिषेक बनर्जी को वहां से घर ले जाने का निर्णय किया। अब अभिषेक बनर्जी का इलाज अस्पताल के बजाय उनके घर पर ही, परिवार के निजी डॉक्टरों की देखरेख में सीक्रेट तरीके से चलेगा। इसके लिए टीएमसी सांसद के आवास पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर, मॉनिटर और अन्य जरूरी मेडिकल उपकरण आनन-फानन में इंस्टॉल किए जा रहे हैं।