भारत और नेपाल के बीच पिछले कुछ महीनों से रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। हालांकि, विवाद के बीच भारत के आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने नेपाल का तीन दिन का दौरा किया। इस दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली का मिजाज कुछ बदला नजर आया। केपी ओली ने कहा, दोनों देशों के बीच लंबे समय से खास रिश्ता रहा है। ऐसे में सभी मुद्दे बातचीत से हल हो सकते हैं। 

काठमांडू. भारत और नेपाल के बीच पिछले कुछ महीनों से रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। हालांकि, विवाद के बीच भारत के आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने नेपाल का तीन दिन का दौरा किया। इस दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली का मिजाज कुछ बदला नजर आया। केपी ओली ने कहा, दोनों देशों के बीच लंबे समय से खास रिश्ता रहा है। ऐसे में सभी मुद्दे बातचीत से हल हो सकते हैं। 

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दरअसल, भारत और नेपाल के बीच नक्शे को लेकर विवाद चल रहा है। पिछले दिनों नेपाल की संसद ने विवादित नक्शे को मंजूरी दी थी। इसमें भारत के तीन हिस्सों को भी नेपाल में शामिल किया गया है। वहीं, इसी बीच जनरल नरवणे का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा था। इस दौरे पर जनरल नरवणे को नेपाल की सेना के जनरल का मानद दर्जा भी दिया गया।

भारत के साथ सदियों पुराने रिश्ते- ओली 
ओली के विदेशी मामलों के सलाहकार राजन भट्टराई ने राजन भट्टराई ने ट्वीट कर बताया, प्रधानमंत्री ओली ने भारत के साथ सदियों पुराने खास संबंधों को याद किया और उनके बने रहने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच मुद्दों को बातचीत से सुलझाया जा सकता है। 

पीएम मोदी की ओर से दी शुभकामनाएं
सेनाध्यक्ष (सीओएएस) नरवणे ने पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से प्रधानमंत्री ओली को शुभकामनाएं दीं और दोनों पक्षों ने उनकी द्विपक्षीय साझेदारी को लेकर बातचीत की। साथ ही सेना प्रमुख ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करने का भरोसा भी दिलाया। 

नरवणे ने सौंपे दो फील्ड हॉस्पिटल 
जनरल नरवणे ने नेपाल की सेना के मुख्यालय का भी दौरा किया। यहां उन्होंने नेपाल के सेना प्रमुख जनरल पूर्ण चंद्र थापा से मुलाकात की। इस दौरान जनरल नरवणे ने कई चिकित्सा उपकरण और दो फील्ड हॉस्पिटल भी सौंपे। गुरुवार को ही नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नेपाली सेना के जनरल की पदवी दी। दौरे में जनरल नरवाने ने माउंटेन फ्लाइट का आनंद भी लिया। उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट का गेटवे कहे जाने वाले स्यांगबोचे एयरपोर्ट पर भी कुछ समय गुजारा।