इंद्राणी मुखर्जी ने ई़डी को बताया था कि आईएनएक्स मीडिया द्वारा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को आवेदन दिए जाने के बाद वह अपने पति और कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ चिदंबरम से मिलने उनके दिल्ली के उत्तरी ब्लॉक ऑफिस में गई थी।

नई दिल्ली. आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई ने बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आज दोपहर दो बजे के करीब उन्हें सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। लेकिन पेशी से पहले उनसे कुछ सवाल पूछे जाएंगे, जो आईएनएक्स मीडिया केस से जुड़े होंगे। सीबीआई हेडक्वार्टर में होने वाली पूछताछ सीबीआई के डीएसपी आर पार्थसारथी की अगुवाई में होगी।

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इंद्राणी के बयानों के आधार पर होंगे सवाल

  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पी चिदंबरम से पूछताछ के वक्त सीबीआई के अधिकारी फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से जुड़ी फाइल रखेंगे। 
  • चिदंबरम से सवाल किए जा सकते हैं कि एफआईपीबी के जो फाइन उनके सामने रखी है, उसके बारे में चिदंबरम को जानकारी थी। 
  • इस केस में सरकारी गवाह बनी आईएनएक्स की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी के बयानों को लेकर भी सवाल किए जाएंगे। इंद्राणी ने ईडी के सामने बयान दिया था कि पी चिदंबरम ने इंद्राणी और उनके पति पीटर से बेटे कार्ति चिदंबरम को व्यवसाय में मदद करने के लिए कहा था। 
  • पूछताछ के बाद सीबीआई दोपहर करीब 2 बजे राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि कोर्ट में पी चिदंबरम की रिमांड मांग सकती है।

इंद्राणी ने ईडी को चिदंबरम के बारे में क्या बताया था? 

  • इंद्राणी मुखर्जी ने ईडी को बताया था कि "आईएनएक्स मीडिया द्वारा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को आवेदन दिए जाने के बाद वह अपने पति और कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ चिदंबरम से मिलने उनके दिल्ली के उत्तरी ब्लॉक ऑफिस में गई थी।"
  • "पीटर ने कहा कि कथित अनियमितताओं को कार्ति चिदंबरम की मदद और सलाह के साथ सही किया जा सकता है, क्योंकि उनके पिता तत्कालीन वित्त मंत्री थे।"
  • इंद्राणी ने ईडी को बताया, "वे कार्ति से दिल्ली के एक होटल में मिली थीं। कार्ति ने पूछा कि क्या मामले को सुलझाने के लिए $ 1 मिलियन उनके या उनके सहयोगियों के विदेशी खाते में ट्रांसफर किए जा सकते हैं। तब पीटर ने कहा कि विदेशी ट्रांसफर संभव नहीं है। तब उन्होंने भुगतान करने के लिए दो फर्मों 'चेस मैनेजमेंट' और 'एडवांटेज स्ट्रेटजिक' के नाम सुझाए।"