कोरोना के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन के बीच सीबीएसई बोर्ड ने अहम फैसला लिया है। बोर्ड ने 10 वीं की बची परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने इंटरनल एग्जाम के आधार पर रिजल्ट बनाने का निर्णय लिया है। वहीं, 12 वीं के पेपर को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकार है।

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और देश में जारी लॉकडाउन के बीच सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE BOARD ) ने बड़ा निर्णय लिया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि ऐसे वक्त में दसवीं बोर्ड की परीक्षा करवाना संभव नहीं है, बच्चों को इंटरनल के बेस पर पास किया जाएगा। हालांकि, 12वीं के पेपरों पर अभी सस्पेंस बरकरार रखा गया है। मीडिया से बात करते हुए CBSE के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने यह जानकारी दी है।

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CBSE बोर्ड के 10वीं के बचे पेपर रद्द

अनुराग त्रिपाठी ने 10 वीं बोर्ड की परीक्षा से जुड़े सवाल पर कहा, '10वीं की पूरे देश में जो परीक्षा बची हुई हैं, वे छोटे-छोटे विषय थे। उनकी अब परीक्षा नहीं होगी। इंटरनल असेसमेंट और बाकी पैमानों के आधार पर इसका रिजल्ट बनाया जाएगा। 

शिक्षा मंत्री ने मूल्यांकन का दिया है निर्देश

पिछले दिनों केन्‍द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरिया ने राज्य सरकारों से बात की थी। इस दौरान उन्होंने राज्यों से कहा था कि वे अपनी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करें और ऐसा करने में CBSE की सहायता करें। सभी बोर्ड अब एक एक कर जल्‍द परीक्षा के रिजल्‍ट जारी करना शुरू करेंगे।

केवल जरूरी विषयों की होगी परीक्षा 

बोर्ड ने परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। बोर्ड का कहना है कि लॉकडाउन खत्‍म होने के बाद केवल महत्‍वपूर्ण विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी और वे भी बगैर ज्‍यादा समय खर्च किए। उम्‍मीद है कि 15 मई से परीक्षाएं शुरू हो सकती हैं।

NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षा का क्या होगा?

अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि जो छात्र NEET, JEE या ऐसे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा (competitive exam) की तैयारी कर रहे हैं उन्हें परेशान नहीं होना चाहिए। क्योंकि ये सभी एग्जाम भी कैंसल हैं। 12वीं की परीक्षा और नतीजों से पहले इनके होने के भी चांस नहीं हैं।