हिमाचल के CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 2027 में कांग्रेस की वापसी का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को पिछली बार से भी कम सीटें मिलेंगी। शिमला में हुई पार्टी बैठक में संगठन को मजबूत करने और बीजेपी के दुष्प्रचार का जवाब देने पर चर्चा हुई।
शिमला (हिमाचल प्रदेश) [भारत], 4 जुलाई (एएनआई): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को विश्वास जताया कि कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनावों में सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को राज्य विधानसभा में मौजूदा सीटों से भी कम सीटें मिलेंगी।

शिमला में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की दो दिवसीय संगठनात्मक बैठक से इतर पत्रकारों से बात करते हुए सुक्खू ने कहा कि चुनाव के नतीजे का फैसला जनता करेगी, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और लगातार दूसरी बार सत्ता में आने को लेकर आश्वस्त है। सुक्खू ने कहा, "जनता तय करती है कि कोई सरकार सत्ता में लौटेगी या नहीं। हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं, और मुझे विश्वास है कि 2027 में कांग्रेस सत्ता में वापस आएगी। बीजेपी हिमाचल प्रदेश में सरकार नहीं बनाएगी, और उसे मौजूदा विधानसभा सीटों से भी कम सीटें मिलेंगी।"
पार्टी को मजबूत करने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में नवगठित प्रदेश कांग्रेस कमेटी की यह पहली आम सभा बैठक है, जिसमें जिला और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, कैबिनेट मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि बैठक का फोकस पार्टी संगठन को मजबूत करने और बीजेपी के "झूठे प्रचार" का मुकाबला करने के लिए रणनीति तैयार करने पर था। सुक्खू ने कहा, "हम कई घंटों से संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। इसका उद्देश्य कांग्रेस संगठन को और मजबूत करना और बीजेपी द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार का प्रभावी ढंग से जवाब देना है।"
नेताओं के मतभेद पर क्या बोले CM?
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और किन्नौर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निगम भंडारी के बीच मतभेदों पर मुख्यमंत्री ने किसी बड़े विवाद की बातों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, "जगत सिंह नेगी एक वरिष्ठ मंत्री हैं जिन्होंने अपने विचार व्यक्त किए, जबकि निगम भंडारी युवा नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। किसी भी लोकतांत्रिक संगठन में विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है। इसे विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दोनों नेता एक साथ बैठेंगे, और बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।" सुक्खू ने यह भी स्पष्ट किया कि नेगी ने कांग्रेस आलाकमान पर सवाल नहीं उठाया था, बल्कि केवल अपने विचार व्यक्त किए थे।
कैबिनेट विस्तार पर भी दी जानकारी
कैबिनेट विस्तार पर सुक्खू ने कहा कि एकमात्र खाली मंत्री पद को भरने का फैसला कांग्रेस आलाकमान करेगा।
उन्होंने कहा, "कैबिनेट में एक पद खाली है जिसे भरने की जरूरत है। 16 और 17 जुलाई को होने वाली राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक महत्वपूर्ण होगी। अगर मौसम की स्थिति अनुकूल रही, तो बैठक निर्धारित समय पर होगी और खाली मंत्री पद जल्द ही भर दिया जाएगा।"
राम मंदिर चंदा विवाद पर कही बड़ी बात
कथित राम मंदिर चंदा विवाद पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने इस मामले को "अत्यंत गंभीर" बताया और कहा कि भगवान राम के नाम पर दिए गए चंदे का दुरुपयोग करने वाले किसी भी दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, "भगवान राम सभी के लिए पूजनीय हैं। अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान हिमाचल प्रदेश ने सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। कांग्रेस का मानना है कि भगवान के नाम पर दिए गए चंदे में अनियमितता या दुरुपयोग में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।" सुक्खू ने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की दो दिवसीय संगठनात्मक बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे, राज्य सरकार के कामकाज, 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों और पार्टी के सामने प्रमुख राजनीतिक मुद्दों की समीक्षा की जा रही है। (एएनआई)
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