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73 हजार करोड़ रुपए के घाटे में हैं कंपनियां: सीतारमण बोलीं - हम नहीं चाहते कोई कंपनी बंद करे ऑपरेशन

देश दुनिया में आर्थिक मोर्चे पर जारी सुस्ती के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को दूरसंचार क्षेत्र में दबाव पर कहा, हम नहीं चाहते कि कोई कंपनी परिचालन बंद करे, हम चाहते हैं कि सभी आगे बढ़ें। 

Companies are in loss of 73 thousand crore rupees: Sitharaman said - We do not want any company to stop the operation
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New Delhi, First Published Nov 15, 2019, 10:00 PM IST
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नई दिल्ली. देश दुनिया में आर्थिक मोर्चे पर जारी सुस्ती के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को दूरसंचार क्षेत्र में दबाव पर कहा, हम नहीं चाहते कि कोई कंपनी परिचालन बंद करे, हम चाहते हैं कि सभी आगे बढ़ें। सरकार 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे कदम बढ़ रही है और इस लक्ष्य को हासिल करने का पूरा प्रयास है। सीतारमण ने यहां संवाददाताओं द्वारा अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर पूछे गये सवालों के जवाब में कहा, ‘‘स्थितियां सुधर रही हैं, इस समय केवल इतना कह सकती हूं कि हम आगे बढ़ रहे हैं। कुछ समय बाद आपको और बेहतर जानकारी मिल सकेगी। स्पष्ट रूप से कुछ समय बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा।’’

2025 तक 5 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य 
सरकार ने हाल ही में कारपोरेट कर में भारी कटौती की है जिससे उसके खजाने को 1.45 लाख करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा सरकार ने आवासीय क्षेत्र और दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों बीएसएनएल, एमटीएनएल को भी करोड़ों रुपये के राहत पैकेज दिये हैं। इससे सरकार की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। सीतारमण ने कहा 2024- 25 तक भारत को 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। चीजों की समीक्षा कर रहे हैं, कुछ सप्ताह में स्पष्ट तौर पर बता सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि नवंबर में माल एवं सेवाकर (जीएसटी) संग्रह बढ़ेगा।

कारपोरेट कर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत किये जाने के सरकार के निर्णय के बाद निवेश गतिविधियां बढ़ने के बारे में पूछे जाने पर वित्त मंत्री ने कहा कि उद्योग जगत से इस बारे में काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। वह भविष्य के लिये निवेश योजनायें बना रहे हैं। कई उद्योग नये निवेश की योजना पर काम कर रहे हें। विनिवेश के मुद्दे पर वित्त मंत्री ने कहा विभिन्न मंत्रालयों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। कुछ समय बाद चीजें अधिक स्पष्ट हो जायेंगी। फिलहाल इस समय यही कहा जा सकता है कि आगे बढ़ रहे हैं।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिये 1.05 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। सार्वजनिक क्षेत्र की कई कंपनियों में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। एचपीसीएल में पूरी सरकारी हिस्सेदारी ओएनजीसी को बेचन के बाद अब बीपीसीएल में भी सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी है। इसके अलावा टीएचडीसी, नीप्को और शिपिंग कारपोरेशन आफ इंडिया का नाम भी विनिवेश सूची में है।

(यह खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की है, एसियानेट हिंदी की टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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