सीबीआई ने 1984 के दंगों के मामले में चार्जशीट पेश किया है। इसमें जगदीश टाइटलर का नाम है। टाइटलर ने दावा किया है कि सीबीआई के पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।

नई दिल्ली। सीबीआई ने 1984 के दंगों के मामले में एक चार्जशीट पेश की है। इसमें कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर का नाम लिया गया है। सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि उसके हाथ टाइटलर के खिलाफ नए सबूत लगे हैं।

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सीबीआई ने पिछले महीने नई दिल्ली के पुल बंगश इलाके में 1984 में हुई हिंसा के सिलसिले में टाइटलर की आवाज के नमूने लिए थे। इस हिंसा में तीन लोग मारे गए थे। टाइटलर पर आरोप है कि उन्होंने भीड़ को उकसाया, जिसके बाद भीड़ ने पीड़ितों की हत्या कर दी। दंगों की जांच करने वाली नानावती आयोग की रिपोर्ट में भी उनका नाम था।

टाइटलर बोले- सीबीआई के पास कोई सबूत है तो मैं खुद को फांसी लगा लूंगा

वहीं, सीबीआई की फोरेंसिक लेबोरेटरी में अपनी आवाज का नमूना देने के बाद निकलते समय टाइटलर ने दावा किया है कि सीबीआई के पास उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं है। उन्होंने कहा, "मैंने क्या किया है? अगर उनके पास कोई सबूत है तो मैं खुद को फांसी लगाने के लिए तैयार हूं। 1984 के दंगों के मामले में नहीं एक और मामले में मेरी आवाज का नमूना लिया गया है।"

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए थे दंगे

गौरतलब है कि 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। उन्हें उनके सिख बॉडीगार्डों ने मार दिया था। यह घटना विवादास्पद "ऑपरेशन ब्लू स्टार" के बाद हुई थी। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा हुई थी। दंगों में कम से कम 3,000 लोग मारे गए थे। इस मामले में टाइटलर को तीन मौकों पर सीबीआई द्वारा क्लीन चिट दी गई थी, लेकिन अदालत ने एजेंसी से मामले की आगे जांच करने को कहा था।

टाइटलर कभी दिल्ली में कांग्रेस के कद्दावर नेता थे। दिल्ली दंगों में नाम आने के बाद वह लंबे समय से पार्टी के लिए परेशानी का विषय रहे हैं। भाजपा, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल जैसी पार्टियों ने कांग्रेस पर सिख विरोधी दंगों में आरोपी नेता को बचाने का आरोप लगाया है।