कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को लोकसभा में अलग सीट देने के स्पीकर ओम बिड़ला के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि स्पीकर से निष्पक्ष होने की उम्मीद की जाती है, लेकिन यह फैसला भाजपा के पक्ष में लगता है।
नई दिल्ली [भारत], 19 जुलाई (ANI): कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के उस फैसले की निंदा की है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद पर बैठे व्यक्ति से निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने की उम्मीद की जाती है।
स्पीकर के फैसले पर कांग्रेस का हमला
ANI से बात करते हुए अनवर ने कहा कि यह फैसला अपेक्षित था। उन्होंने कहा, "यह तो होना ही था... जब कोई व्यक्ति स्पीकर की भूमिका ग्रहण करता है तो उससे एक निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने और स्वतंत्र रूप से काम करने की उम्मीद की जाती है।" कांग्रेस नेता ने कहा कि यह फैसला भाजपा के अनुकूल है, जिससे बिड़ला ताल्लुक रखते हैं।
यह फैसला लेने से पहले अध्यक्ष ने पिछले कुछ हफ्तों में टीएमसी और उसके बागी गुट के विचारों को सुना था। संसद का मानसून सत्र कल से शुरू हो रहा है।
TMC और शिवसेना के बागियों पर स्पीकर का फैसला
बिड़ला ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए 20 सांसदों के लिए लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। हालांकि, बागी टीएमसी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय को अध्यक्ष ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है। सरकार ने आज हो रही सर्वदलीय बैठक में बागी टीएमसी गुट को आमंत्रित किया है। पिछले महीने, बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कुल 20 सांसदों का नेतृत्व किया था और एक क्षेत्रीय पार्टी NCPI के साथ विलय की घोषणा की थी।
शिवसेना (UBT) में भी फूट देखी गई है, जिसमें छह लोकसभा सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। अध्यक्ष ने शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों के शिवसेना में विलय को भी मंजूरी दे दी है। इससे लोकसभा में शिवसेना की ताकत बढ़कर 13 हो गई है, जबकि यूबीटी सेना के सदस्यों की संख्या घटकर तीन रह गई है। (ANI)
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