उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया था कि हाथरस के बहाने प्रदेश में जातीय दंगे कराने की साजिश रची जा रही है। इसी को लेकर पुलिस ने मंगलवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार कार्यकर्ताओं को मथुरा से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनपर आतंकवाद-विरोधी धाराएं लगाई हैं। अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रीवेन्शन एक्ट यानी यूएपीए भी लगाया गया है। आतंकवाद के लिए पैसे एकत्रित करने का भी आरोप है।

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया था कि हाथरस के बहाने प्रदेश में जातीय दंगे कराने की साजिश रची जा रही है। इसी को लेकर पुलिस ने मंगलवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार कार्यकर्ताओं को मथुरा से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनपर आतंकवाद-विरोधी धाराएं लगाई हैं। अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रीवेन्शन एक्ट यानी यूएपीए भी लगाया गया है। आतंकवाद के लिए पैसे एकत्रित करने का भी आरोप है। जानें एफआईआर की कॉपी में क्या-क्या लिखा है...

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एफआईआर में क्या-क्या लिखा गया है?

  • एफआईआर के मुताबिक, यह चारों व्यक्ति शांति भंग करने के लिए हाथरस जा रहे थे। एक बड़ी साजिश थी। हालांकि विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कुछ असमाजित तत्वों द्वारा जानबूझकर सामाजिक विद्वेष एवं जातिगत तनाव तथा देश में सांप्रदायिक संद्भाव को प्रभावित करते हुए प्रदेश में अभी हाल में हुए हाथरस की दुर्भाग्य पूर्ण घटना की आड़ में दंगा भड़काने की कोशिश की। 
  • रिपोर्ट के मुताबिक, दंगा भड़काने के लिए जो धनराशि प्राप्त की गई है वह भी वैध तरीके से नहीं हासिल की गई है। यह धनराशि जब्त करने योग्य है।
  • carrd.co नाम की वेबसाइट का उपयोग जातिगत हिंसा व दंगा भड़काने के लिए किया जा रहा था। इस वेबसाइट से जुड़े संगठनों एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा भीड़ एकत्र करने, अफवाह फैलाने एवं चंदा एकत्र करने का काम न्याय दिलाने की आड़ में किया जा रहा है। 
  • कई प्रकार के राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार भारत में किए जा रहे हैं। जैसे मॉब लिंचिंग की घटना का दुष्प्रचार, हाल में मजदूरों का पलायन तथा कश्मीर में विघटनाकरी तत्वों के समर्थन में व्यापक प्रचार इत्यादि प्रमुख है। 
  • रिपोर्ट के मुताबिक, वेबसाइट carrd.co एवं वेबसाइट justice for hathras का मुख्य उद्देश्य विभिन्न लोगों से चंदा लेना और उस चंदे का उपयोग सामाजित विद्वेश एवं जातिगत हिंसा को बढ़ावा देने का करना है।
  • इनका यह कृत्य भारतीय दंड विधान की धारा 153 ए तथा 295 ए की श्रेणी में आता है। यह भी पाया गया है कि वेबसाइट को संचालित करने वाले व्यक्तियों द्वारा किए जाने वाला कृत्य भारतीय दंड विधान की धारा 124 ए के अन्तर्गत है। जो कि राजद्रोह है। इन वेबसाइट के कृत्यों के लिए यूएपीए की धारा 17 एवं 18 का भी लगाई गई है।

यहां पढ़ें FIR की पूरी कॉपी

यूपी को जलाने की थी साजिश
इससे पहले पुलिस ने दावा किया था कि हाथरस के बहाने यूपी को जलाने की साजिश रची जा रही थी। इतना ही नहीं मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने भी कहा था कि देश और प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक दंगे फैलाने की साजिश रची जा रही है। इसके लिए विदेश से फंडिंग भी हो रही है। इस हिंसा के पीछे पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई का हाथ बताया है। फरवरी में नागरिकता कानून के विरोध में हुए दंगों के पीछे भी इसी संगठन का हाथ था।