कोरोना वायरस के बीच संसद के मानसून सत्र की तैयारियां जोरों पर हैं। देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लोकसभा और राज्यसभा में सदस्यों को बैठाने के लिए चेम्बर और गैलरीज का इस्तेमाल किया जाएगा।

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के बीच संसद के मानसून सत्र की तैयारियां जोरों पर हैं। देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के लिए लोकसभा और राज्यसभा में सदस्यों को बैठाने के लिए चेम्बर और गैलरीज का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा हवा में कोरोना वायरस मारने वाली मशीनों को भी इस्तेमाल किया जाएगा। माना जा रहा है कि सत्र अगस्त के आखिरी सप्ताह या सितंबर की शुरुआत में हो सकता है। 

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राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक, सत्र के दौरान दोनों सदनों के सदस्य चेंबर और गैलरी में बैठाने की व्यवस्था की जा रही है। 1952 के बाद से पहली बार इस तरह की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत 60 सदस्य राज्यसभा के चेंबर और 51 सदस्ट गैलरी में बैठेंगे। वहीं, 132 सांसदों को लोकसभा के चेंबर में बैठाया जाएगा। 

किए जाएंगे ये विशेष इंतजाम
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सदन में पहली बार लार्ज डिस्प्ले स्क्रीन, अल्ट्रावॉयलेट जर्मिसिडल इर्रेडिएशन सिस्टम, कंसोल्स, दोनों सदनों के बीच स्पेशल केबल और पॉलीकॉर्बोनेट सेपरेटर का इस्तेमाल किया जाएगा। 

एक सदन सुबह और दूसरा शाम को चलेगा
बताया जा रहा है कि इस बार दोनों सदनों का काम एक साथ नहीं चलेगा। सोशल डिस्टेंसिंग के चलते एक सदन सुबह और एक शाम को चलाने पर विचार किया जा रहा है। राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू अगस्त के तीसरे सप्ताह में सत्र चलाने की तैयारियां पूरी कर चुके हैं। इसके बाद टेस्टिंग और रिहर्सल और फाइनल रिव्यू भी होगा।

23 मार्च को स्थगित किए गए थे दोनों सदन
23 मार्च को आखिरी बार सदन चले थे। कोरोना की वजह से दोनों सदनों में अंतिम बजट सत्र को बीच में रोकना पड़ा था। नियमों के मुताबिक, पिछले सत्र के 6 महीने भीतर नया सत्र बुलाना जरूरी होता है। इसे देखते हुए तैयारियां जोरों पर हैं।