कोरोना की चौथी लहर(fourth wave of corona) की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मीटिंग की। पिछले कुछ दिनों में कोरोना के नए केस बढ़ रहे हैं। हालांकि स्पीड अभी न के बराबर है।

नई दिल्ली. कोरोना की चौथी लहर(fourth wave of corona) की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की। कोरोना की चौथी लहर की आशंका के बीच पीएम की मुख्यमंत्रियों के साथ यह पहली मीटिंग थी। बता दें कि पांच राज्यों-हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में पॉजिटिविटी रेट बढ़ी है। कुछ राज्यों में पॉजिटिविटी रेट 5% से अधिक है। इनमें दिल्ली, हरियाणा और केरल शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) की गाइडलाइन के अनुसार 5% से अधिक रेट होने का मतलब है कि महामारी कंट्रोल से बाहर है। अगर दुनियाभर की बात करें, तो ओवरऑल चीन और यूरोप में महामारी अनकंट्रोल में है।

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कोरोना की चुनौती अभी टली नहीं है
मोदी ने कहा-स्पष्ट है कि कोरोना की चुनौती अभी पूरी तरह टली नहीं है ओमिक्रोन और उसके सब वैरिएंट्स किस तरह गम्भीर परिस्थिति पैदा कर सकते हैं,ये यूरोप के देशों में हम देख सकते हैं। पिछले कुछ महीने में इन वैरिएंट्स से मामले बढ़े हैं हम भारत में कई देशों की तुलना में हालात पर नियंत्रण रखा है। मोदी ने कोरोना वॉरियर्स की प्रशंसा की। 

यूरोप का उदाहरण दिया
मोदी ने कहा-ये यूरोप में देख रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में कई देशों में केस सामने आए हैं। हमने हालात को नियंत्रण में रखा है। पिछले दो हफ्तों में केस बढ़ने से यह समझ आया है कि हमें अलर्ट रहना है। हमारे पास कुछ महीने पहले जो लहर आई, उससे हमने बहुत कुछ सीखा। सभी ओमिक्रॉन से सफलता से निपटे, मुकाबला किया। दो साल के भीतर देश ने हेल्थ इंफ्रस्ट्रक्चर से लेकर ऑक्सीजन तक काम किया।

हमें अलर्ट रहना होगा
मोदी ने कहा-पिछले 2 हफ्तों से मामले जो बढ़ रहे है उससे हमें अलर्ट रहना है। 2 साल के भीतर में देश ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर ऑक्सीजन सप्लाई तक कोरोना से जुड़े हर पक्ष में जो आवश्यक है उसे देने का काम किया है। तीसरी लहर में स्थितियां अनियंत्रित होने की खबर नहीं आई। बीते 2 वर्षों में कोरोना को लेकर ये हमारी 24वीं बैठक है, कोरोना काल में जिस तरह केंद्र और राज्यों ने मिलकर काम किया है और जिन्होंने कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है मैं सभी कोरोना वॉरियर्स की प्रशंसा करता हूं।

पेट्रोल-डीजल को लेकर महाराष्ट्र को नसीहत
रिव्यू मीटिंग के दौरान मोदी ने देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी अपनी बात रखी। PM ने कहा कि भारत सरकार के पास जो रेवेन्यू आता है, उसका 42 फीसदी तो राज्यों के पास ही चला जाता है। मोदी ने राज्यों से सहयोग का आग्रह किया। मोदी ने कहा-''मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि आप अपने राज्य अपने पड़ोसी राज्य के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। आज तमिलनाडु में पेट्रोल 111 रुपए है, जयपुर में 118 से ज्यादा, हैदराबाद में 119 से ज्यादा है। मुंबई में 120 और बगल में ही दमन दीव में 102 रुपए है।''

राज्यों पर दिखाई नाराजगी
मोदी ने कहा-पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमत का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में पिछले नवंबर में कमी की थी। राज्यों से भी आग्रह किया गया था कि वो अपने यहां टैक्स कम करें। कुछ राज्यों ने तो अपने यहां टैक्स कम कर दिया, लेकिन कुछ राज्यों ने अपने लोगों को इसका लाभ नहीं दिया गया। 

महाराष्ट्र,पश्चिम बंगाल,तेलंगाना,आंध्र प्रदेश,केरल,झारखंड, तमिलनाडु ने किसी न किसी कारण से केंद्र सरकार की बातों को नहीं माना और उन राज्य के नागरिकों पर बोझ पड़ता रहा। मेरी प्रार्थना है कि नंवबर में जो करना था, अब वैट कम करके आप नागरिकों को इसका लाभ पहुंचाएं।

युद्ध के कारण बढ़ी महंगाई
जो युद्ध की परिस्थिति पैदा हुई है, जिससे सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, ऐसे माहौल में दिनों-दिन चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। ये वैश्विक संकट अनेक चुनौतियां लेकर आ रहा है। ऐसे में केंद्र और राज्य के बीच तालमेल को और बढ़ाना अनिवार्य हो गया है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेड पर काम
मोदी ने बताया-इंफ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेड का काम तेजी से चलता रहे, ये सुनिश्चित करना चाहिए। बिस्तर, वेंटिलेटर और पीएसए ऑक्सीजन प्लांट जैसी सुविधाओं के लिए हम काफी बेहतर स्थिति में हैं लेकिन ये सुविधाएं कार्यांवित रहे, हमें ये भी सुनिश्चित करना होगा। हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ नेशनल और ग्लोबल स्थिति को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं। संक्रमण को शुरुआत में ही रोकना हमारी प्राथमिकता पहले भी थी, आज भी यही रहना चाहिए। टेस्ट,ट्रैक, ट्रीट की हमारी स्ट्रैटेजी को भी हमें उतने ही प्रभावी तौर पर लागू करना है।

भारत की 96% व्यस्क आबादी को लगी वैक्सीन
मोदी ने कहा-आज भारत के 96% वयस्क आबादी को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है और 15 साल के ऊपर बच्चों को करीब 85% लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। मार्च में हमने 12-14 वर्ष के बच्चों के लिए टीकाकरण शुरु कर दिया था। कल 6-12 वर्ष के बच्चों के लिए भी को-वैक्सीन टीके की अनुमति मिल गई है। देश में सभी वयस्कों के लिए प्रीकॉशन डोज भी उपलब्ध है। तीसरी लहर के दौरान हमने हर दिन 3 लाख से अधिक केस देखे। हमारे सभी राज्यों ने इन्हें हैंडल भी किया और बाकी सभी सामाजिक, आर्थिक गतिविधियों को भी गति दी।

आग लगने की घटनाओं पर
मोदी ने कहा-बढ़ती गर्मी के समय में हम अलग-अलग स्थानों पर हम आग की बढ़ती हुई घटनाएं देख रहे हैं। पिछले साल कई अस्पतालों में आग लगी, वो बड़ी दर्दनाक स्थिति थी। मेरा सभी राज्यों से आग्रह है कि हम अभी से अस्पतालों का सेफ्टी ऑडिट कराएं, सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता करें।

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