कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन 1 दिसंबर से 30 दिसंबर तक लागू रहेगी। गाइडलाइन के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी। इसके अलावा राज्यों और केंद्रशासित राज्यों को संक्रमण की रोकथाम के लिए कड़े उपाय करने होंगे। 

नई दिल्ली. कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन 1 दिसंबर से 30 दिसंबर तक लागू रहेगी। गाइडलाइन के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी। इसके अलावा राज्यों और केंद्रशासित राज्यों को संक्रमण की रोकथाम के लिए कड़े उपाय करने होंगे। 

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गाइडलाइन की बड़ी बातें

- राज्यों को कंटेनमेंट जोन में नियमों का सख्ती से पालन कराना होगा। सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करना होगा।
- जिला प्रशासन को केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन कराना होगा।
- राज्यों को छूट दी गई है कि वे स्थिति को देखते हुए पाबंदियां लगा सकते हैं।
- कंटेनमेंट जोन की लिस्ट वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। इसे हेल्थ मिनिस्ट्री से भी शेयर करना होगा।
- कंटेनमेंट जोन में सख्ती बरतते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगानी होगी। सिर्फ जरूरी चीजों और मेडिकल जरूरतों के लिए छूट मिलेगी।
- सर्विलांस टीम घर-घर जाकर कोरोना के लक्षण वालों की पहचान करेगी। प्रोटोकाल के हिसाब से टेस्टिंग कराई जाए।
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की लिस्ट बने। उनकी पहचान कर ट्रैक किया जाए और क्वारंटाइन किया जाए।
- संक्रमित व्यक्ति का तुरंत इलाज शुरू किया जाए। उसे होम आइसोलेशन में रखा जाए। जरूरत होने पर अस्पताल में भर्ती किया जाए।

कंटेनमेंट में आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी
गृह मंत्रालय के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी। स्थानीय जिला, पुलिस और नगरपालिका अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोरोना को रोकने के लिए निर्धारित उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए। राज्य-केन्द्र शासित प्रदेश सरकार संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।

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दिशा निर्देश जारी करेंगे राज्य
इसके अलावा राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा संक्रमण की रोकथाम के कड़े उपाय करना, विभिन्न गतिविधियों पर SOPs जारी करने और भीड़ को नियंत्रण रखना अनिवार्य होगा। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दफ्तरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना होगा। शहरों में, जहां 10% से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट हैं, वहां संबंधित राज्य / केंद्रशासित प्रदेश सोशल डिस्टेंसिंग लागू करने लिए ऑफिस समय से लेकर अन्य उपाय करना होगा।