चक्रवात जवाद (Cyclone Jawad) आज कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल सकता है। ओडिशा के पुरी के तटीय इलाके से तूफान के टकराने की संभावना है। तूफान के चलते रविवार सुबह से ओडिशा के पुरी में मध्यम वर्षा हो रही है।

नई दिल्ली। चक्रवात जवाद (Cyclone Jawad) आज कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल सकता है। ओडिशा के पुरी के तटीय इलाके से तूफान के टकराने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने कहा कि चक्रवात के रविवार तक गहरे दबाव से दबाव में कमजोर होने की संभावना है। 

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तूफान के चलते रविवार सुबह से ओडिशा के पुरी में मध्यम वर्षा हो रही है। यहां तूफान के दोपहर के आसपास पहुंचने की संभावना है तब भारी बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को कहा था कि चक्रवात पश्चिम बंगाल तट की ओर बढ़ेगा। चक्रवात के चलते ओडिशा के तटीय इलाके में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। समुद्र में ज्वार की लहरे उठने और 90-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। 

भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना
अगले 24 घंटों के लिए ओडिशा के लिए मौसम विज्ञान विभाग ने अपने फोरकास्ट में कहा है कि रविवार को मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि 5 दिसंबर की सुबह से दोपहर तक ओडिशा तट से दूर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। इसके बाद यह धीरे-धीरे घटेगी।

कमजोर हो रहा है तूफान
एनडीआरएफ (NDRF) के महानिदेशक अतुल करवाल ने कहा है कि चक्रवाती तूफान 'जवाद' का प्रभाव उतना तेज नहीं है, जितना कि इसकी आशंका थी। यह कमजोर हो रहा है। इसका प्रभाव पहले की अपेक्षा कम होगा। बता दें कि तूफान के अधिक खतरे वाले इलाकों में एनडीआरएफ की 46 टीम तैनात कर दी गई हैं। 18 टीमें रिजर्व हैं। 

46 टीम में 19 पश्चिम बंगाल में, ओडिशा में 17, आंध्र प्रदेश में 19 के अलावा तमिलनाडु में सात और अंडमान निकोबार में दो टीम रखी गई हैं। जवाद के कमजोर पड़ने के बाद ओडिशा सरकार ने खतरे वाले स्थानों से लोगों को निकालना कम कर दिया है। शनिवार को 300 गर्भवती महिलाओं सहित केवल 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। 

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