चक्रवात मोचा (Cyclone Mocha) ने रविवार को बांग्लादेश के कॉक्सबाजार और उत्तरी म्यांमार तट के पास दस्तक दी है। म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से हजारों लोगों को निकाला गया है। उड़ानें निलंबित कर दी गईं हैं। 

नई दिल्ली। भीषण चक्रवाती तूफान मोचा (Cyclone Mocha) ने बांग्लादेश के कॉक्सबाजार और उत्तरी म्यांमार तट के पास जमीन पर दस्तक दी है। इसके चलते इलाके में भारी बारिश हो रही है। बेहद तेज तूफान आया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में हवा की रफ्तार 200 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बांग्लादेश में कॉक्स बाजार बंदरगाह, चट्टाग्राम और पायरा बंदरगाह के लिए अलर्ट जारी किया गया है। उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं।

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मौसम विभाग ने रविवार को कहा कि चक्रवात मोचा का तटीय क्षेत्रों से टकराना शुरू हो गया है। भारत और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से हजारों लोगों सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। चक्रवात मोचा करीब दो दशक में बांग्लादेश के तट पर आने वाले सबसे शक्तिशाली चक्रवातों में से एक है।

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बांग्लादेश में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

बांग्लादेश में तूफान को देखते हुए हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। शनिवार को रोहिंग्या शरणार्थियों को जोखिम भरे क्षेत्रों से सामुदायिक केंद्रों में ले गया। बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि दक्षिण-पूर्वी समुद्र तटों के पास रहने वाले लाखों लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

समुद्र में उठ सकती हैं चार मीटर ऊंची लहरें

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि चक्रवात मोचा के चलते भारी बारिश हो सकती है। इससे बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। इस दौरान समुद्र में चार मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इससे निचले इलाकों और नदी के किनारे के गांवों में पानी भर सकता है। तूफान को देखते हुए बांग्लादेश के सबसे बड़े बंदरगाह चटगांव में परिचालन बंद कर दिया गया है। समुद्र में नाव चलाने पर रोक है। मछली पकड़ने को भी रोक दिया गया है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, "चक्रवात मोचा आ रहा है। हमने चक्रवात केंद्रों को अलर्ट रखा है। इससे निपटने के लिए सभी प्रकार की तैयारियां की हैं। 55 शेल्टर बनाए गए हैं। यहां लगभग 30,000 रोहिंग्या शरणार्थियों को रखा गया है।"