केंद्रीय राज्यमंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि डीपफेक एक बड़ा उल्लंघन है और विशेष रूप से महिलाओं को नुकसान पहुंचाता है।

Deepfake and fake information: केंद्र सरकार की DeepFake मामले में एडवाइजरी जारी होने के बाद केंद्रीय आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि देश के डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास नरेंद्र मोदी सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार की सेंधमारी कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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डीपफेक और गलत इंफार्मेशन पर केंद्रीय मंत्री ने कही बड़ी बात

केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि हमारे डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास हमारी अटूट प्रतिबद्धता और नरेंद्र मोदी सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। गलत सूचनाओं और डीपफेक से उत्पन्न महत्वपूर्ण चुनौतियों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने पिछले छह महीनों के भीतर दूसरी एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में ऑनलाइन प्लेटफार्मों से डीपफेक के प्रसार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का आह्वान किया गया है।

केंद्रीय राज्यमंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि डीपफेक एक बड़ा उल्लंघन है और विशेष रूप से महिलाओं को नुकसान पहुंचाता है। हमारी सरकार सभी नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास की जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से लेती है और इससे भी अधिक हमारे बच्चों और महिलाओं की जिम्मेदारी लेती है जिन्हें इस तरह की सामग्री द्वारा लक्षित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि आईटी नियम 2021 के तहत किसी भी यूजर द्वारा गलत सूचना के प्रसार को रोकना ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के लिए एक कानूनी दायित्व है। यूजर या सरकारी प्राधिकरण से रिपोर्ट प्राप्त होने पर 36 घंटे के भीतर ऐसी सामग्री को हटाना अनिवार्य है। इस आवश्यकता का अनुपालन करने में विफलता नियम 7 को लागू करती है जो पीड़ित व्यक्तियों को आईपीसी के प्रावधानों के तहत अदालत में जाने का अधिकार देती है। यह जरूरी है कि प्लेटफॉर्म इस खतरे से निपटने के लिए सक्रिय कदम उठाएं। जो लोग खुद को डीपफेक से प्रभावित पाते हैं, वह लोग अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करने और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 के तहत दिए गए उपायों का लाभ उठाने के लिए दृढ़ता से प्रोत्साहित करता हूं।

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