ईडी ने इस केस में आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी विजय नायर, अभिषेक मोइनपल्ली, समीर महेंदू, शरथ पी रेड्डी और बिनोय बाबू को अरेस्ट किया था।

Delhi Excise Policy case: दिल्ली आबकारी नीति केस में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। दिल्ली कोर्ट ने गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस केस में पांच आरोपियों की जमानत अपील को खारिज कर दी। ईडी ने इस केस में आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी विजय नायर, अभिषेक मोइनपल्ली, समीर महेंदू, शरथ पी रेड्डी और बिनोय बाबू को अरेस्ट किया था।

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कई बड़ी हस्तियों की हो चुकी है गिरफ्तारी...

दिल्ली शराब घोटाले (Delhi excise policy case) में कई बड़ी हस्तियों की गिरफ्तारी हो चुकी है तो कईयों से पूछताछ की जा चुकी है। इस केस में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी कविता के साथ पूछताछ की जा चुकी है। जबकि इस केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग इन्वेस्टिगेशन में आंध्र प्रदेश के YSRCP सांसद मगुनता श्रीनिवासुलु रेड्डी(Magunta Srinivasulu Reddy) के बेटे राघव मगुनता को अरेस्ट किया जा चुका है। ईडी का आरोप है कि लिकर पॉलिसी में मगुनता श्रीनिवासुलु रेड्डी, उनके बेटे राघव मगुन्टा, टीआरएस एमएलसी के. कविता और अरबिंदो फार्मा के निदेशक पी. सरथ चंद्र रेड्डी की बड़ी भूमिका रही है। सीबीआई ने इसके अलावा हैदराबाद बेस्ड एक चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) 'बीआरएस एमएलसी के. कविता' के ऑडिटर को गिरफ्तार किया था। ईडी ने इसी मामले में गौतम मल्होत्रा को भी अरेस्ट किया था। गौतम मल्होत्रा, शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक दीप मल्होत्रा के बेटे हैं।

ईडी इनको भी कर चुकी है अरेस्ट

ED ने दिल्ली एक्साइज न्यू पॉलिसी को लागू किए जाने के लिए हुए भ्रष्टाचार के मामले में AAP के प्रवक्ता विजय नायर और कारोबारी अभिषेक बोइनपल्ली को गिरफ्तार किया था। नायर को सीबीआई ने सितंबर 2022 में गिरफ्तार किया था जबकि बोइनपल्ली को अक्टूबर, 2022 में गिरफ्तार किया था। ईडी इनसे पहले शराब कंपनी ‘इंडोस्पिरिट’ के प्रवर्तक समीर महेंद्रू, शराब कंपनी ‘पर्नोड रिकार्ड’ के महाप्रबंधक बिनॉय बाबू और ‘अरबिंदो फार्मा’ के पूर्णकालिक निदेशक और प्रवर्तक पी शरत चंद्र रेड्डी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी इस मामले में अब तक 170 से अधिक छापे मार चुकी है। एजेंसी ने इन्वेस्टिगेशन के बेस पर अभी 17 अभियुक्तों/कंपनियों से जुड़ी दो चार्जशीट कोर्ट में पेश की हैं।

क्या है आबकारी नीति करप्शन केस?

दिल्ली सरकार ने बीते साल नई आबकारी नीति लाई थी। दिल्ली आबकारी नीति के लागू होने के बाद आप सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। आरोप है कि इस नीति से डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने करीबियों को लाभ पहुंचाया है। इसके एवज में उनके खास लोगों के माध्यम से करोड़ों रुपयों का ट्रांसफर किया गया है। बीते दिनों दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। गुरुवार को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीबीआई के एफआईआर में आरव गोपी कृष्णा, पूर्व उप आबकारी आयुक्त आनंद तिवारी और सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर के अलावा नौ व्यवसायी और दो कंपनियों को नामजद किया गया है। सीबीआई ने एफआईआर में कुल नौ निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ विजय नायर, ब्रिंडको स्पिरिट्स के मालिक अमनदीप ढाल, इंडोस्पिरिट के एमडी समीर महेंद्रू, महादेव लिकर्स के सन्नी मारवाह और हैदराबाद के अरुण रामचंद्र पिल्लई के अलावा अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा, अर्जुन पांडेय, पर्नोड रिकार्ड के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट मनोज राय को नामजद किया गया है।

सीबीआई की एंट्री के बाद आबकारी नीति को वापस ले लिया

दिल्ली सरकार, जिसका नेतृत्व अरविंद केजरीवाल करते हैं, ने 17 नवम्बर 2021 को नई आबकारी नीति को लागू किया था। नई नीति को लेकर बीजेपी ने आपत्ति जताई थी। इस साल दिल्ली में नए उप राज्यपाल के रूप में वीके सक्सेना की नियुक्ति होने के बाद इस मामले में जांच की सिफारिश कर दी गई। उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली आबकारी नीति को लागू करने में भ्रष्टाचार की बात कहते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी। हालांकि, सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद आप सरकार ने नई आबकारी नीति को रद्द कर दिया था।

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