दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विजिबिलिटी बेहद कम होने से सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। AQI लेवल पिछले 15 दिनों से खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। 

Delhi Pollution Update: दिल्ली एनसीआर के अलावा हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत के कुछ इलाकों में बुधवार 13 नवंबर को अब तक की सबसे घनी धुंध और कोहरा देखने को मिला। दिल्ली में तो धुंध की चादर इस कदर फैली है कि पूरे शहर को ही अपनी चपेट में ले लिया है। इसके चलते विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। सड़कों पर 100 मीटर से आगे का दिखाई नहीं दे रहा है, जिसके चलते वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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दिल्ली एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी बेहद कम

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह 6 बजे विजिबिलिटी सिर्फ 100 मीटर रही। इसके अलावा अमृतसर एयरपोर्ट पर तो जीरो विजिबिलिटी दर्ज की गई। यहां तक कि सड़कों पर दिन में भी लोगों को गाड़ियों की हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे सूरज चढ़ेगा, धुंध और कोहरा छंटने की उम्मीद है।

दिल्ली के शहादरा इलाके में हवा सबसे ज्यादा खराब 

दिल्ली के शाहदरा में बुधवार सुबह AQI लेवल 693 पहुंच गया है। इसके अलावा आरके पुरम में 616, नरेला, जहांगीरपुरी और डीआईटी में 571, जीटीबी नगर में 539, दिल्ली कैंट और चाणक्यपुरी में 523, मुखर्जी नगर में 518, मॉडल टाउन में 517, रोहिणी में 515, द्वारका में 491, बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में 489, दरियागंज और कनॉट प्लेस में 462, आनंद विहार इलाके में 399, जहांगीरपुरी में 378, ITO में 374, मुंडका में 362 और वजीरपुर में 358 के लेवल पर पहुंच गया है। पिछले 15 दिनों से दिल्ली में औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 307 से ऊपर बना हुआ है।

मॉर्निंग वॉक से बच रहे लोग

दिल्ली और उत्तर भारत के इलाकों में प्रदूषण का लेवल इस कदर बढ़ चुका है कि लोग अब मॉर्निंग वॉक पर जाने से भी बच रहे हैं। प्रदूषण की वजह से लोगों की सांसें फूलने लगी हैं। साथ ही आंखों में पानी और जलन की समस्या भी बढ़ रही है। इस दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत अस्थमा के मरीजों को हो रही है।

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