सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में जेल में बंद मनीष सिसोदिया को जमानत ही है। अपने आदेश में कोर्ट ने कई बड़ी बातें कहीं। 

नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति (Delhi liquor policy) मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia bail) को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी है। वह 17 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे।

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मनीष सिसोदिया को जमानत के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बड़ी बातें

  • "किसी नागरिक को न्याय के लिए एक जगह से दूसरी जगह भटकने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। अपील करने वाले को ट्रायल कोर्ट में भेजना न्याय का मजाक उड़ाना होगा।"
  • "प्रक्रियाओं को न्याय की मालकिन नहीं बनाया जा सकता।"
  • "जल्द सुनवाई का अधिकार एक पवित्र अधिकार है। यह कहकर जमानत का विरोध नहीं किया जा सकता कि अपराध गंभीर है। हर दिन स्वतंत्रता के मामले में मायने रखता है।"
  • "हाई कोर्ट और लोअर कोर्ट जमानत के मामले में सुरक्षित खेल रहे हैं। जमानत एक नियम है। जेल एक अपवाद है।"
  • "मुकदमा पूरा करने के उद्देश्य से उन्हें (मनीष सिसोदिया) सलाखों के पीछे रखना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होगा।"
  • "हमने ऐसे निर्णयों पर गौर किया है, जिनमें कहा गया है कि किसी को लंबे समय तक जेल में रखा गया है तो उसे जमानत दी जा सकती है।"
  • "अपीलकर्ता (मनीष सिसोदिया) को वापस ट्रायल कोर्ट में भेजना उसके साथ सांप-सीढ़ी का खेल खेलने जैसा होगा।"

26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार हुए थे मनीष सिसोदिया

बता दें कि दिल्ली शराब घोटाला केस में सीबीआई ने 26 फरवरी 2023 को मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से उन्हें तिहाड़ जेल में बंद रखा गया। CBI दिल्ली शराब नीति मामले की जांच कर रही है। इस मामले में हुई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ईडी कर रही है। 

इसी मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल में बंद किया गया है। सिसोदिया को जमानत मिलने से आम आदमी पार्टी में खुशी की लहर है। आप नेताओं को उम्मीद है कि जल्द ही उनके नेता अरविंद केजरीवाल भी जेल से बाहर आ जाएंगे।