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तब्लीगी में शामिल मौलानाओं के खंगाले जा रहे कॉल डिटेल्स, पुलिस ले सकती है बड़ा एक्शन

निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के मौलाना सहित दूसरे जगहों से आए लोगों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने कुछ मौलानाओं को पकड़ा है। कुछ की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

Delhi Police is scouting phone calls of Maulanaas involved in Tabligi Jamaat kpn
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New Delhi, First Published Apr 3, 2020, 11:45 AM IST
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नई दिल्ली. निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के मौलाना सहित दूसरे जगहों से आए लोगों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने कुछ मौलानाओं को पकड़ा है। कुछ की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस इनके बैंक अकाउंट्स भी खंगाल रही है। इसके अलावा इनके फोन कॉल की डिटेल्स भी निकलवाई जा रही है। 

राजस्थान में तब्लीगी जमात का असर
राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने बताया, टोंक में 5 लोगों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है, ये कोरोना मरीजों के करीबी हैं, जो तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। राजस्थान में मामलों की संख्या अब 138 है इसमें 2 इटली के नागरिक और 14 तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग हैं। 

ओडिशा में तब्लीग जमात का असर
ओडिशा में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के मुताबिक, अब तक राज्य में तब्लीगी जमात से जुड़े 27 व्यक्तियों का पता चला है, जिनमें से 19 व्यक्तियों का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया है। अन्य लोगों की ट्रैकिंग जारी है।

महाराष्ट्र में तब्लीकी जमात का असर
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र से 1062 लोग निजामुद्दीन तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे, जिनमें से 890 का पता लगाया जा चुका है। उनमें से 4 व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हैं, पिंपरी-चिंचवाड़ और अहमदनगर से 2-2 कोरोना पॉजिटिव हैं। राज्य में कुल 423 कोरोना पॉजिटिव मामले हैं और अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है।

16 हज हाउस को कोरोना क्वारंटाइन केंद्र बनाया गया
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि , देशभर के 16 हज हाउसों को कोरोना क्वारंटाइन केंद्रों में बदला गया है। 

क्या है निजामुद्दीन मरकज तब्लीगी जमात मामला?
निजामुद्दीन में 1 से 15 मार्च तक तब्लीगी जमात मरकज का जलसा था। यह इस्लामी शिक्षा का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां हुए जलसे में देश के 11 राज्यों सहित इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से भी लोग आए हुए थे। यहां पर आने वालों की संख्या करीब 5 हजार थी। जलसा खत्म होने के बाद कुछ लोग तो लौट गए, लेकिन लॉकडाउन की वजह से करीब 2 हजार लोग तब्लीगी जमात मरकज में ही फंसे रह गए। लॉकडाउन के बाद यह इकट्ठा एक साथ रह रहे थे। तब्लीगी मरकज का कहना है कि इस दौरान उन्होंने कई बार प्रशासन को बताया कि उनके यहां करीब 2 हजार लोग रुके हुए हैं। कई लोगों को खांसी और जुखाम की भी शिकायत सामने आई। इसी दौरान दिल्ली में एक बुजुर्ज की मौत हो गई। जांच हुई तो पता चला कि वह कोरोना संक्रमित था और वहीं निजामुद्दीन में रह रहा था। तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।

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