Asianet News HindiAsianet News Hindi

सिंघु बार्डर पर पुलिस का लाठीचार्ज, प्रदर्शनकारियों ने किया बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास

लखबीर सिंह नाम के व्यक्ति की सिंघु बार्डर पर 15 अक्तूबर को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में चार निहंगों नारायण सिंह, सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह और गोविंदप्रीत सिंह ने 15 और 16 अक्तूबर को सरेंडर कर दिया था। 

Delhi Police Lathicharge at Singhu Border, Lakhbir Singh supporters were protesting at border
Author
New Delhi, First Published Oct 27, 2021, 8:49 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के सिंघु बार्डर (Singhu Border) पर लखबीर सिंह (Lakhbir Singh)को इंसाफ दिलाने के लिए हो रहे प्रदर्शन में पुलिस ने लाठीचार्ज (lathicharge) किया है। आरोप है कि प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड्स (Police Barricades)तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। बुधवार शाम यहां हिंद मजदूर किसान समिति (Hind Majdoor Kisan Samiti)से जुड़े किसान जमा हुए थे। इन लोगों की मांग थी कि लखबीर के परिवार को सरकारी नौकरी और मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।

पुलिस ने क्यों किया लाठीचार्ज‌?

सिंघु बॉर्डर के नजदीक कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग किया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। वहीं, कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसान भी वहां मौजूद है। 

लखबीर सिंह नाम के व्यक्ति की सिंघु बार्डर पर 15 अक्तूबर को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में चार निहंगों नारायण सिंह, सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह और गोविंदप्रीत सिंह ने 15 और 16 अक्तूबर को सरेंडर कर दिया था। पुलिस सरबजीत को 9 दिन और बाकी तीनों को 8 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। चारों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज चुके हैं। 

सोमवार को परिजन मिले थे एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष से

लखबीर सिंह के परिजन ने सोमवार को दिल्ली में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला से मुलाकात की थी। आयोग के अध्यक्ष सांपला ने कहा कि आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया है और परिजनों को जल्द मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

किसान बैठे हैं एक साल से बार्डर पर

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले एक साल से चल रहा है। किसान, दिल्ली के बार्डर पर पिछले साल भर से टेंट लगाकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जबतक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होंगे तबतक वह घर वापस नहीं जाएंगे।

यह भी पढ़ें:

कश्मीर को लेकर सऊदी अरब को दिखाया था आंख, अब जाकर गिड़गिड़ाया तो 3 अरब डॉलर की मदद का किया ऐलान

Covaxin को फिर नहीं मिला WHO से अप्रूवल, 3 नवम्बर को अब होगा निर्णय

 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios