दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में NIA ने मृतकों के शरीर के अंगों पर फोरेंसिक रिपोर्ट दाखिल की है। 11 लोगों की जान लेने वाले इस VBIED ब्लास्ट केस में कोर्ट ने 9 आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को तय की गई है।

नई दिल्ली [भारत], 6 जुलाई (ANI): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में मारे गए लोगों के शरीर के अंगों के संबंध में एक फोरेंसिक रिपोर्ट दाखिल की है। कोर्ट ने फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच के लिए मामले को सूचीबद्ध किया है।

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NIA के अनुसार, इस उच्च-तीव्रता वाले वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIED) विस्फोट में 11 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे, इसके अलावा आस-पास की संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ था। NIA ने नौ आरोपियों को विशेष न्यायाधीश (NIA) पीतांबर दत्त के सामने पेश किया, जिन्होंने उनकी न्यायिक हिरासत अगली तारीख तक बढ़ा दी। कोर्ट ने इस मामले को 13 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

चार्जशीट में 10 आरोपी

NIA पहले ही शाहीन सईद और अन्य सहित 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जमीर अहमद अहंगर और तुफैल अहमद भट के खिलाफ दायर एक पूरक चार्जशीट भी पटियाला में NIA कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। NIA ने नवंबर 2025 के दिल्ली ब्लास्ट मामले में जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और एक फरार आरोपी के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। जमीर और तुफैल को फरवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी इस मामले में पहले ही मुख्य चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

आरोप है कि जमीर और तुफैल हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा कर रहे थे। जमीर को उमर, इरफान और आदिल ने एक राइफल, एक पिस्तौल और जिंदा गोला-बारूद दिए थे। दोनों अंसार गजवत उल हिंद से जुड़े हैं। यह मामला नवंबर 2025 के लाल किला कार बम ब्लास्ट से संबंधित है। इससे पहले 14 मई को NIA ने पहली चार्जशीट दाखिल की थी।

NIA ने 10 नवंबर, 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट के सिलसिले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों को लागू किया है। चार्जशीट में शामिल लोगों में मुख्य साजिशकर्ता उमर उन नबी भी है, जिसकी मौत के कारण उसकी कार्यवाही को समाप्त करने का प्रस्ताव है। अभियोजन शिकायत में नामित शेष आरोपी आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, मुजमिल शकील, अदील अहमद राथर, शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयब, बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार हैं।

आतंकी संगठन और 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' की साजिश

NIA ने आरोप लगाया कि सभी आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े थे, जो भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (AQIS) का एक सहयोगी संगठन है, जिसे 2018 में गृह मंत्रालय द्वारा एक आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था। एजेंसी के अनुसार, चार्जशीट जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर में की गई व्यापक जांच पर आधारित है। अभियोजन शिकायत में कथित तौर पर 588 मौखिक témoignages, 395 से अधिक दस्तावेज, और 200 से अधिक जब्त सामग्री प्रदर्शन शामिल हैं।

NIA ने एक बड़ी 'जिहादी साजिश' का आरोप लगाया है, जिसमें AQIS/AGuH विचारधारा से प्रेरित मेडिकल पेशेवरों सहित कट्टरपंथी व्यक्ति शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने दावा किया कि आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में एक गुप्त बैठक के दौरान 'AGuH अंतरिम' के रूप में संगठन को फिर से संगठित किया। एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंकने और शरिया कानून लागू करने के उद्देश्य से 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' नामक एक अभियान शुरू किया था।

विस्फोटक और हथियारों का जखीरा

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर सदस्यों की भर्ती की, चरमपंथी विचारधारा का प्रसार किया, हथियार और गोला-बारूद जमा किए और व्यावसायिक रूप से उपलब्ध रसायनों का उपयोग करके विस्फोटक बनाए। NIA ने दावा किया कि विस्फोट में इस्तेमाल किया गया विस्फोटक पदार्थ ट्रायएसीटोन ट्रायपरऑक्साइड (TATP) था, जिसे कथित तौर पर कई प्रयोगों के बाद तैयार किया गया था। जांच में कथित तौर पर AK-47 राइफल, क्रिंकोव राइफल और देसी पिस्तौल सहित प्रतिबंधित हथियारों की अवैध खरीद का भी खुलासा हुआ, साथ ही सुरक्षा प्रतिष्ठानों को लक्षित करने वाले रॉकेट-आधारित और ड्रोन-माउंटेड IEDs के साथ प्रयोग भी किए गए। एजेंसी ने कहा कि डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और वॉयस एनालिसिस सहित वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच ने मृतक आरोपी उमर उन नबी की पहचान स्थापित करने में मदद की। (ANI)

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