धर्मनगरी हरिद्वार के हर की पौड़ी घाट पर हजारों दीए प्रज्ज्वलित कर देव दीपावली का उत्सव मनाया गया। इस मौके पर सैकड़ों लोग घाट पर जमा हुए। गंगा घाट पर आतिशबाजी भी की गई।

हरिद्वार। हर साल की भांती इस साल भी धर्मनगरी हरिद्वार (Haridwar) के हर की पौड़ी घाट पर हजारों दीए प्रज्ज्वलित कर देव दीपावली (Dev Deepawali) का उत्सव मनाया गया। श्री गंगा सभा के तत्वावधान में धूमधाम के साथ पर्व मनाया गया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

ब्रह्मकुंड हर की पौड़ी घाट पर हजारों दीए प्रज्ज्वलित कर भगवान विष्णु और समस्त देवताओं का पूजन किया गया। बता दें कि प्रतिवर्ष तीर्थ पुरोहित हर की पौड़ी घाट पर हजारों दीए प्रज्ज्वलित कर देव दीपावली का उत्सव मनाते हैं। इस वर्ष ग्यारह हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए। इस मौके पर सैकड़ों लोग घाट पर जमा हुए। गंगा की आरती की गई। गंगा घाट पर आतिशबाजी भी की गई। 

बता दें कि ऐसा माना जाता है कि देव दीपावली पर देवलोक धरती पर उतर आता है। सभी देवता एक साथ मिलकर देवाधिदेव भगवान शिव की महाआरती करते हैं। मान्यता है कि यदि अपनी इच्छानुसार इस दिन स्थान विशेष पर दीपक जलाया जाए तो सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और इच्छानुसार फल की प्राप्ति भी होती है। 

भगवान शिव ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन तारकासुर के तीनों पुत्रों यानी त्रिपुरासुर का वध किया। उस दिन देवताओं ने काशी नगर में गंगा के किनारे दीप प्रज्वलित कर देव दिवाली मनाई। तब से ही देव दिवाली मनाई जाती है।

ये भी पढ़ें

क्या है Kartik Purnima या Dev Diwali का महत्व? 19 नवंबर को याद रखें ये बातें

करतारपुर साहिब में CM Channi ने टेका माथा, अरदास के बाद लंगर चखा..लौटते ही किया ये बड़ा ऐलान