सूत्रों के मुताबिक पीयूष जैन की कन्नौज स्थित फैक्ट्री से भी डीजीजीआई (DGGI) और सेंट्रल जीएसटी की टीम ने 5 करोड़ रुपए कैश बरामद किया, जबकि उसके कन्नौज स्थित घर से भी पांच करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। डीजीजीआई की टीम ने पीयूष के परिसरों पर छापा मारकर पहले 177 करोड़ रुपए जब्त किए थे।

नई दिल्ली। डायरेक्ट्रेट ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) अहमदाबाद ने यूपी (Uttar Pradesh) के कन्नौज में ओडोकेम इंडस्ट्रीज के प्रमोटर इत्र व्यवसायी पीयूष जैन की फैक्ट्री और घर से 10 करोड़ रुपए और बरामद किए हैं। अब तक उसके परिसरों से कुल 187.45 करोड़ रुपए बरामद हो चुके हैं। सर्च के दौरान बरामद की गई नकदी को सीजीएसटी (CGST)अधिनियम की धारा 67 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक जैन की कन्नौज स्थित फैक्ट्री से भी डीजीजीआई और सेंट्रल जीएसटी की टीम ने 5 करोड़ रुपए कैश बरामद किए, जबकि उसके कन्नौज स्थित घर से भी पांच करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। जैन की फैक्ट्री से करोड़ों का चंदन का तेल और परफ्यूम जब्त किया गया है। अधिकारियों ने जैन से पूछताछ की पूरी रिकॉर्डिंग की है।

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सर्च के पहले दिन भाग गया था जैन 
कानपुर में सर्च के बाद टीम पीयूष जैन को लेकर कन्नौज स्थित उसकी फैक्ट्री और घर गई थी, जहां से ये बरामदगी हुई है। रविवार सुबह तक एजेंसी 187.45 करोड़ रुपए नकद बरामद कर चुकी है। डीजीजीआई ने यहां बिना बिला वाली करोड़ों रुपए की सामग्री जब्त की है। सूत्रों के अनुसार, सर्च के पहले दिन जब DGGI और लोकल सेंट्रल जीएसटी (Central GST) की टीम जैन के परिसर में पहुंची, तो वह भाग गया। जांच अधिकारियों के कई कॉल पर वह दो घंटे बाद वापस आया।अधिकारियों का मानना ​​है कि जैन अपने 'सहयोगियों' और 'वकीलों' से सलाह लेने के बाद वापस लौटा, क्योंकि उसे पता था कि इस सर्च में बड़ी मात्रा में कैश बरामद होना है। 

भाइयों, रिश्तेदारों का बताया पैसा 
अधिकारियों का कहना है कि पीयूष जैन के बयान संतुष्ट करने वाले नहीं हैं। उसका कहना है कि जो पैसा बरामद हुआ है वह उसके रिश्तेदारों और भाइयों का है। लेकिन, जब अधिकारियों ने उसके भाइयों और रिश्तेदारों से बात की तो उन्होंने अपना पैसा होने से इंकार कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि वे ओडोकेम इंडस्ट्रीज के प्रमोटर से बरामद भारी नकदी का ब्योरा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। कानपुर और कन्नौज में अभी भी तलाशी जारी है और जांच तब तक जारी रहेगी जब तक वे जैन के परिसर से जब्त कैश के असली मालिक का का पता नहीं लगा लेते। 

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