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कोरोना पॉजिटिव मम्मी-पापा से अलग कमरे में रहे गाजियाबाद के 6 साल के बच्चे के साहस को मोदी ने सराहा

कोरोना संक्रमण एक ऐसी बीमारी है, जो भावनात्मक तौर पर भी लोगों को विचलित कर देती है। गाजियाबाद में एक दम्पती पॉजिटिव हो गए। तब उन्होंने अपने 6 साल के बेटे को संक्रमण से बचाने एक अलग कमरे में रखा। बच्चे की मां ने अपनी यह कहानी एक पत्र के जरिये मोदी को लिखी थी। यह पढ़कर मोदी बेहद प्रभावित हुए और उनकी तारीफ की।

Emotional story of a family of Corona positive in Ghaziabad, Modi praised the courage kpa
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Ghaziabad, First Published Jun 17, 2021, 8:17 AM IST
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गाजियाबाद, यूपी. कोरोना संक्रमण से लड़ते हुए यहां के एक परिवार ने ऐसी मिसाल पेश की, जिसे जानकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बहुत प्रभावित हुए। एक दम्पती कोरोना पॉजिटिव हो गया। उनके 6 साल का बेटा भी था। अपने बच्चे को संक्रमण से बचाने दम्पती ने अलग-अलग कमरे में होम क्वारंटाइन कर लिया। इस दौरान एक मां के दिल पर क्या बीती, यही कहानी महिला ने मोदी को एक पत्र के जरिये लिखी थी। उसे पढ़कर मोदी ने महिला और उसके बच्चे के साहस की सराहना की।

मां-बाप के प्यार को तरस रहा था मासूम
गाजियाबाद की पूजा वर्मा और उनके पति कौशिक अप्रैल में पॉजिटिव हुए थे। वे तीन कमरों के एक फ्लैट में रहते हैं। तब उन्होंने फैसला किया कि वे तीनों अलग-अलग कमरे में शिफ्ट हो जाते हैं, ताकि बच्चे को संक्रमण से बचाया जा सके। पूजा वर्मा ने मोदी को लिखे पत्र में बताया कि एक मां के तौर पर यह फैसला कठिन था। वहीं, मासूम बच्चा भी अपने माता-पिता के प्यार को तरस रहा था। 

प्रधानमंत्री ने परिवार के साहस को सलाम किया
बच्चे को नहीं पता था कि कोरोना वायरस आखिर है क्या? बच्चे को यही लग रहा था कि उसने कोई गलती की है, जिसकी उसे सजा मिली है। पूजा वर्मा ने एक कविता के जरिये अपना दर्द बयां किया था। इसके जवाब में मोदी ने लिखा कि आपकी कविता एक मां की व्यथा की अभिव्यक्ति है। मोदी ने लिखा कि हिम्मत और सरकारात्मक सोच से वर्मा फैमिली जीवन में आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करेगी।

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