नगर पालिका नौकरी घोटाला (Municipality jobs scam) केस में ईडी ने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री सुजीत बोस और दो अन्य लोगों के घर पर छापेमारी की है। 2014 से 2018 के बीच नौकरी घोटाला हुआ था। आरोप है कि करोड़ों रुपए लेकर नौकरियां दी गईं थी। 

कोलकाता। अपने अधिकारियों पर हुए हमले के एक सप्ताह के भीतर ईडी (Enforcement Directorate) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में एक बार फिर कार्रवाई की है। ईडी के अधिकारियों ने नगरपालिका नौकरी घोटाले (Municipality jobs scam) के सिलसिले में बंगाल के मंत्री सुजीत बोस और दो अन्य लोगों के घरों पर छापा मारा है। आरोप है कि नगरपालिका में नौकरियों के बदले करोड़ों रुपए लिए गए थे। ईडी इस मामले की जांच कर रही है।

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ईडी की टीमों ने शुक्रवार सुबह छापेमारी शुरू की। पश्चिम बंगाल के अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस से जुड़े दो परिसरों और तृणमूल विधायक तापस रॉय व नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष से जुड़े एक-एक परिसर की तलाशी ली जा रही है। ईडी की टीम तलाशी के लिए सुबह करीब 6.40 बजे पहुंची।

2014 से 2018 के बीच हुआ था घोटाला
दरअसल, नगरपालिका में भर्ती को लेकर घोटाला 2014 से 2018 के बीच हुआ। आरोप है कि पैसे लेकर मनमाने तरीके से लोगों को नौकरी दी गई। अप्रैल 2023 में कोलकाता हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से सीबीआई और ईडी द्वारा नगरपालिका भर्ती में हुई अनियमितता की जांच की जा रही है।

सात जून को सीबीआई ने पश्चिम बंगाल में 16 जगहों पर छापेमारी की थी। इस दौरान सीबीआई ने नादिया, हुगली व उत्तरी 24 परगना जिलों और साल्ट लेक नगर पालिका में कई नागरिक निकायों से दस्तावेज जब्त किए थे। सीबीआई द्वारा की जा रही जांच के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी जिसे अगस्त 2023 में कोर्ट ने खारिज कर दिया था। ईडी ने भर्ती मामले में 5 अक्टूबर को खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष के आवास सहित कई स्थानों की तलाशी ली थी।

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बता दें कि पिछले शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में राशन घोटाले मामले में छापेमारी करने गई ईडी की टीम पर हमला किया गया था। ईडी के अधिकारी उत्तर 24 परगना जिले में टीएमसी नेता शाहजहां शेख के ठिकाने पर छापेमारी करने जा रहे थे तभी भीड़ ने उनपर हमला किया था।

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