भुवनेश्वर में एक सैन्य अधिकारी की मंगेतर के साथ पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार के मामले ने सेना प्रमुख और पूर्व सीबीआई निदेशक के बीच तीखी बहस छेड़ दी है। घटना के अलग-अलग संस्करण सामने आने से मामले ने तूल पकड़ लिया है।

भुवनेश्वर: पुलिस स्टेशन में एक सैन्य अधिकारी की मंगेतर के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह और पूर्व सीबीआई निदेशक एम नागेश्वर राव के बीच तीखी बहस हो गई है. सेना के एक अधिकारी की मंगेतर के साथ हुए बर्ताव को शर्मनाक और भयावाह बताते हुए जनरल वीके सिंह ने ओडिशा पुलिस की आलोचना की है. उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है.

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जनरल सिंह ने कहा कि एक रिटायर्ड आर्मी अफसर की बेटी की बात सभी को सुननी चाहिए. ओडिशा के भद्रक जिले के भर्तपुर पुलिस स्टेशन में उसके साथ जो हुआ वह शर्मनाक है. उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री से मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों और उनके संरक्षकों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया.

जनरल सिंह की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सीबीआई निदेशक एम नागेश्वर राव ने आरोप लगाया कि सैन्य अधिकारी और उसकी मंगेतर ने शराब पी थी और दुर्व्यवहार किया था. उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर ने शराब पी थी और देर रात भुवनेश्वर में गाड़ी चला रहे थे. उन्होंने इंजीनियरिंग छात्रों के साथ मारपीट की. बाद में, उन्होंने भर्तपुर पुलिस स्टेशन में भी हंगामा किया. जब उनसे मेडिकल जांच और ब्लड टेस्ट कराने को कहा गया तो उन्होंने इनकार कर दिया. नागेश्वर राव ने जनरल सिंह से अपना रुख़ बदलने का आग्रह किया.

यह घटना 15 सितंबर की रात भुवनेश्वर के भर्तपुर थाने में हुई थी. युवती का कहना है कि वह अपने मंगेतर कैप्टन के साथ रेस्टोरेंट बंद करके घर लौट रही थी, तभी कुछ गुंडों ने उन पर हमला कर दिया. युवती ने आरोप लगाया कि मदद करने के बजाय पुलिस ने उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया. कैप्टन को अगले दिन सुबह तक हवालात में रखा गया. युवती ने आरोप लगाया कि जब उसने थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनाकृष्ण मिश्रा से गैरकानूनी हिरासत में लिए जाने के बारे में सवाल किया तो उसने उसके बाल खींचे, उसके कपड़े फाड़े और उसे थप्पड़ मारा. युवती ने यह भी आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं.

इस बीच, पुलिस ने युवती को एक महिला पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. युवती ने सफाई दी कि जब दो महिला पुलिसकर्मियों ने उसके बाल पकड़े और उसे खींचने लगीं तो उसने विरोध किया. बाद में युवती को कोर्ट से जमानत मिल गई. जमानत पर रिहा होने के बाद युवती ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है. मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है.